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क्वाड समिट में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी, 21 से 23 सितंबर तक करेंगे अमेरिका की यात्रा

PM Modi US Visit: पीएम मोदी 21 सितंबर को अमेरिका में होने वाले क्वाड लीडर्स समिट में प्रतिभाग करेंगे। वह 23 सितंबर तक अमेरिका में ही रहेंगे। इस दौरान वह अन्य बड़े आयोजनों में भी शिरकत करेंगे।

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प्रधानमंत्री मोदी का सितंबर में अमेरिका का दौरा

Photo : BCCL

PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत तक अमेरिका की यात्रा करेंगे। यह 21 से 23 सितंबर तक अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान पीएम मोदी क्लाड लीडर्स समिट के अलावा अन्य आयोजनों में हिस्सा लेंगे। जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी 21 सितंबर को अमेरिका पहुंचेंगे और वह विलिंगटन में चौथे क्वाड लीडर्स समिट में शिरकत करेंगे।

अभी तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, 21 सितंबर को क्वाड समिट में हिस्सा लेने के बाद 22 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी न्यूजर्सी में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके अलावा 23 सिंतबर को वह संयुक्त राष्ट्र के समिट ऑफ फ्यूचर समिट में हिस्सा लेंगे।

ये देश होंगे शामिल

व्हाइट हाउस ने गुरुवार को बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 21 सितंबर को डेलावेयर में ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान के नेताओं के साथ क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरिन जीन-पियरे के मुताबिक, क्वाड लीडर्स समिट हमारे देशों के बीच रणनीतिक अभिसरण को मजबूत करने, एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हमारे साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और प्रमुख क्षेत्रों में हिंद-प्रशांत में भागीदारों के लिए ठोस लाभ पहुंचाने पर केंद्रित होगा। बता दें, क्वाड का गठन चीन का मुकाबला करने के लिए हुआ है। जीन-पियरे ने कहा, राष्ट्रपति बाइडन ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति बाइडन पहली बार विलमिंगटन में विदेशी नेताओं की मेजबानी करेंगे - यह क्वाड नेताओं में से प्रत्येक के साथ उनके गहरे व्यक्तिगत संबंधों और क्वाड के हमारे सभी देशों के लिए महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में क्वाड विदेश मंत्रियों की आठ बार मुलाकात हुई है और क्वाड देशों की सरकारों ने सभी स्तरों पर मुलाकात और समन्वय करना जारी रखा है।

अगले साल भारत में होगा क्वाड सम्मेलन

बता दें, 2025 का क्वाड सम्मेलन भारत में होगा इस बता की पुष्टि अमेरिका की ओर से की गई है। पहले इस साल भारत में क्वाड समिट होने था और अगले साल अमेरिका में। लेकिन दोनों देशों ने इसकी अदला-बदली कर ली और अब इस साल का क्वाड शिखर सम्मेलन अमेरिका में होगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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