Philippines Earthquake 2026: फिलीपींस का दक्षिणी हिस्सा (मिंडानाओ क्षेत्र) सोमवार सुबह एक भीषण और विनाशकारी भूकंप से दहल उठा। रिक्टर स्केल पर 7.8 की तीव्रता वाले इस जबरदस्त भूकंप ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। इस भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 120 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी है।
फिलिपींस के सिविल डिफेंस ऑफिस के अधिकारियों के अनुसार, 7.8 तीव्रता वाले भूकंप से मरने वालों की संख्या अब 15 हो गई है। स्थानीय सिविल डिफेंस ऑफिस के डायरेक्टर रोड्रिगो सोस्मेना के अनुसार, मरने वालों में से 12 लोग सोक्ससार्जेन (Soccsksargen) इलाके से थे, यह इलाका चार प्रांतों और एक शहर में फैला है। इनमें साउथ कोटाबाटो, सुल्तान कुदारात, सारंगानी और जनरल सैंटोस सिटी आते हैं। उन्होंने बताया कि इस इलाके में कम से कम 129 लोग घायल हुए हैं। वहीं,भूकंप के तुरंत बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और जापान सहित कई एशियाई देशों के तटीय इलाकों में सुनामी (Tsunami) की गंभीर चेतावनी जारी कर दी गई है।
रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो: प्रेयर के दौरान कांपी धरती
इस भूकंप के बीच 'दावाओ ऑक्सीडेंटल' के मलीता (Malita) शहर से एक बेहद डरावना और भावुक करने वाला वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
झंडा फहराने के दौरान आया भूकंप: वाकया बरंगे किलालाग स्थित 'महायाहाए एलीमेंट्री स्कूल' (Mahayahay Elementary School) का है। सोमवार की सुबह जब मासूम बच्चे और शिक्षक ग्राउंड में 'मॉर्निंग फ्लैग सेरेमनी' (प्रार्थना और झंडा फहराने की रस्म) के लिए कतारों में खड़े थे, तभी अचानक जमीन तेजी से डोलने लगी।
बच्चों के ठीक पीछे ढहा ढांचा: वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि तेज झटके लगते ही बच्चे और शिक्षक सहम गए। इसी बीच बच्चों की कतार के ठीक पीछे बना स्कूल का एक शेल्टर नुमा ढांचा भरभराकर जमींदोज हो गया।
टीचर्स की सूझबूझ से बची जान: गनीमत यह रही कि भूकंप आते ही स्कूल के शिक्षकों ने तत्परता दिखाई और सूझबूझ से काम लेते हुए बच्चों को तुरंत सुरक्षा प्रक्रियाओं (Earthquake Safety Procedures) के तहत खुले मैदान के बीच में सुरक्षित रोक लिया। स्कूल प्रशासन ने पुष्टि की है कि इस भयावह घटना में किसी भी बच्चे या स्टाफ को चोट नहीं आई है।
