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Video : वाशिंगटन में कश्मीर में बदलाव पर हो रही थी चर्चा, बवाली पाकिस्तानियों को कमरे से धक्का मार के निकाला

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 24, 2023, 09:08 AM IST

Pakistanis escorted out : कश्मीर में आए बदलाव पर वाशिंगटन डीसी के नेशनल प्रेस क्लब में चर्चा हो रही थी। इस दौरान दो पाकिस्तानी यहां बवाल कर चर्चा में व्यवधान खड़ी करने लगे। पाकिस्तानियों के इस बर्ताव पर कमरे से उन्हें धक्का देकर बाहर निकाला गया।

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वाशिंगटन डीसी में कश्मीर पर आयोजित थी चर्चा।

Photo : ANI

Pakistanis escorted out : कश्मीर मसले पर दुनिया के हर मोर्चे पर अपनी फजीहत करा चुका पाकिस्तान इस राग को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मंचों का गलत इस्तेमाल करने का वह आदी हो चुका है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां के हालात तेजी से सुधरे हैं और घाटी में अमन-चैन है। राज्य खुशहाली के रास्ते पर है। कश्मीर में आए इसी बदलाव पर वाशिंगटन डीसी के नेशनल प्रेस क्लब में चर्चा हो रही थी। इस दौरान दो पाकिस्तानी यहां बवाल कर चर्चा में व्यवधान खड़ी करने लगे। पाकिस्तानियों के इस बर्ताव पर कमरे से उन्हें धक्का देकर बाहर निकाला गया। कमरे से धक्का मारकर बाहर निकालने का यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है।

वीडियो में पाकिस्तानियों का बर्ताव देखा जा सकता है

वीडियो में उग्र हुए पाकिस्तानी अधिकारियों की दबंगई देखी जा सकती है। चर्चा के दौरान वे स्पीकर पर नाराज हो रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक कश्मीर में हुए बदलाव पर चर्चा का आयोजन 23 मार्च को इंटरनेशनल सेंटर फॉर पीस ने किया था। चर्चा का विषय 'कश्मीर-फ्राम टरमॉयल टू ट्रांसफॉरमेशन : पर्सपेक्टिव फ्राम द ग्राउंड' था। चर्चा के इस पैनल में जम्मू एंड कश्मीर वर्कर्स पार्टी के अध्यक्ष मीर जुनैद और बारामूला नगर परिषद के अध्यक्ष तौसीफ राणा सहित अन्य लोग शामिल थे।

UNHRC की बैठक में कश्मीर का मुद्दा उठाया

इसी दिन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की बैठक में कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारत ने पाकिस्तान को फटकार लगाते हुए उसे करारा जवाब दिया। यूएनएचआरसी में एजेंडा आइटम 4 के तहत जम्मू-कश्मीर पर बहस हो रही थी। इसी दौरान पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबों से बाज नहीं आया और कश्मीर में मानवाधिकार को लेकर भारत पर अनाप-शनाप आरोप लगाए।

भारतीय अधिकारी ने दिया करारा जवाब

यूएनएचआरसी की आम बहस के 52वें सत्र में भारत के जवाब देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए अवर सचिव डॉ. पी. आर. तुलसीदास ने पाकिस्तान से यह भी आह्वान किया कि वह निरर्थक प्रचार में शामिल होने और भारत में साम्प्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देने के प्रयास करने के बजाय अपने देश में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने कहा, ‘एक ऐसे देश से जहां आतंकवादी फलते-फूलते हैं और सड़कों पर बेखौफ घूमते हैं, दुनिया को लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर सबक की जरूरत नहीं है।’

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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