Terrorist Camp In PoK: आतंकवादियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान की पोल एक बार फिर खुल गई है। सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदर (Operation Sindoor) के दौरान भारतीय सेना ने LoC स्थित 9 आतंकी कैंप को तबाह किया था, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा का मरकज-तैयबा भी था। भले ही भारत ने आतंकी लॉन्चपैड्स को तबाह कर दिए, लेकिन शहबाज सरकार आतंकियों की हर मुमकिन मदद करने में जुटी हुई है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जहां लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक आतंकवादी ने कबूल किया है कि ऑपरेशन सिंदर के दौरान तबाह हुए मुरीदके स्थित मरकज-तैयबा आतंकी शिविर का बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण किया जा रहा है। वीडियो में लश्कर कमांडर दावा कर रहा है कि ट्रेनिंग के लिए एक विशाल और बड़ी मस्जिद का निर्माण किया जा रहा है।
पुनर्निर्माण स्थल पर मौजूद कासिम ने कहा, "मैं मुरीदके में मरकज तैयबा के खंडहरों पर खड़ा हूं, जो हमले में नष्ट हो गया था। इसके पुनर्निर्माण का काम चल रहा है। अल्लाह की कृपा से यह मस्जिद पहले से भी बड़ी बनेगी।"
लश्कर कमांडर की बेशर्मी की सारी हदें पार करते हुए युवाओं को मरकज में शामिल होने के लिए कहा है। कासिम ने कबूल किया कि मुजाहिदीन और लश्कर के कई आतंकियों ने इस आतंकी शिविर में ट्रेनिंग ली थी।
आतंकियों को वित्तीय मदद दे रही शहबाज सरकार
कुछ दिनों पहले जानकारी सामने आई थी कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने खुद आतंकी ठिकानों को फिर से खड़ा करने के लिए सरकारी फंड जारी किया है। इसके लिए अब तक 40 करोड़ रुपये का फंड मुनीर दिलवा चुके हैं। वहीं, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ भी कह चुके हैं कि भारतीय हमलों में जो घर और मस्जिदें तबाह हुई हैं, उनका पुनर्निर्माण सरकार करवाएगी। बहावलपुर, मुजफ्फराबाद, मुरीदके में मौजूद आतंकी शिविरों पाकिस्तान सरकार ने फंडिंग की है।
