Iran-US Talks: पाकिस्तान ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अगले सप्ताह फिर से शुरू होने की उम्मीद है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बुधवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि सभी पक्ष बातचीत के लिए तैयार हैं और प्रक्रिया जारी है। अमेरिका और ईरान ने पिछले सप्ताह पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे।
पाकिस्तान ने "गारंटर" के रूप में हस्ताक्षर किए
इस सप्ताह की शुरुआत में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान और कतर की मौजूदगी में दोनों देशों ने स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक में बातचीत की थी। पाकिस्तान ने इस समझौता ज्ञापन पर "गारंटर" के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद दोनों पक्ष 60 दिनों में अंतिम शांति समझौते की दिशा में एक रूपरेखा पर सहमत हुए। अंद्राबी के हवाले से जारी बयान में बताया गया कि बातचीत जारी है। मेरा मानना है कि बातचीत अगले सप्ताह, संभवतः मंगलवार को फिर से शुरू होगी।
उन्होंने कहा, 22 जून की बातचीत के लिए हमारा प्रतिनिधिमंडल बर्गेनस्टॉक में मौजूद था। जहां तक मैं जानता हूं, जब अगले सप्ताह बातचीत फिर से शुरू होगी, तब भी हमारा प्रतिनिधिमंडल वहां मौजूद रहेगा। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अगले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना एक सकारात्मक घटनाक्रम है। अमेरिका और ईरान ने हालांकि अब तक बातचीत दोबारा शुरू होने की संभावना को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।
पश्चिम एशिया में तनाव में एक के बाद एक आ रहे अड़ंगों के बीच और एक स्थायी समाधान खोजने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में हाई-लेवल डिप्लोमेसी शुरू हो गई है। अमेरिकी मीडिया संस्थान 'एक्सियोस' (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच पिछले हफ्ते हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत पहले दौर की तकनीकी बातचीत संपन्न हो गई है। इस दौरान लेबनान में सीजफायर बनाए रखने, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को खुला रखने और संभावित परमाणु समझौते के प्रमुख पहलुओं पर गहन चर्चा हुई।
लेबनान सीजफायर और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर रहा फोकस
बातचीत से जुड़े एक अमेरिकी राजनयिक के हवाले से बताया गया है कि वार्ता रविवार सुबह शुरू हुई और पूरे दिन कई प्रारूपों में चलती रही। चर्चा का एक मुख्य बिंदु लेबनान की स्थिति रही, जहां देश के दक्षिणी हिस्से पर इजरायली हमलों के बीच तनाव कम करने के तंत्र और सीजफायर पर बातचीत केंद्रित थी। इसके अलावा, वैश्विक शिपिंग और तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' को लेकर भी अमेरिका ने अपनी चिंताएं सामने रखीं। हाल ही में ईरान की ओर से इस समुद्री मार्ग को बंद करने के संकेत दिए गए थे। अमेरिकी राजनयिक ने एक्सियोस को बताया कि "हमने साफ कर दिया है कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला रहे। इस मोर्चे पर हमारी अच्छी प्रगति हुई है।"
परमाणु समझौते और 14-सूत्रीय MoU पर चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार, वाशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाले आगामी परमाणु समझौते के "सभी तत्वों" को इस बातचीत में शामिल किया गया। साथ ही, दोनों पक्षों के बीच पिछले हफ्ते हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के इम्प्लीमेंट से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोनों देश एक ही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, राजनीतिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर बातचीत को आगे जारी रखने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार करने पर भी सहमति बनी है।
