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बदहाल PAK की जेल में कैद इमरान खान हो गए अंधे, अब मेडिकल बोर्ड करेगा जांच, शहबाज की चौतरफा किरकिरी

भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद खान को पांच अगस्त 2023 को लाहौर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद से वह जेल में हैं। फिलहाल वह रावलपिंडी की अदियाला जेल में कैद हैं।

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PAK की जेल में कैद इमरान खान हो गए अंधे! (फाइल फोटो)

पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की एक आंख की रोशनी खो जाने संबंधी खबर सामने आने के बाद उनकी आंखों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का बृहस्पतिवार को आदेश दिया।शीर्ष अदालत ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक खान को अपने बच्चों से बात करने की अनुमति देने का भी आदेश दिया।

भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद इमरान खान को पांच अगस्त 2023 को लाहौर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद से वह जेल में हैं। फिलहाल वह रावलपिंडी की अदियाला जेल में कैद हैं।प्रधान न्यायाधीश याह्या आफरीदी और न्यायमूर्ति शाहिद बिलाल हसन की पीठ 73-वर्षीय खान की रहन-सहन की परिस्थितियों से संबंधित मामले पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने 16 फरवरी से पहले उनकी विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया।

पिछले महीने खान को इस्लामाबाद में एक अस्पताल ले जाया गया

पिछले महीने खान को इस्लामाबाद में एक अस्पताल ले जाया गया था, जहां उनकी एक आंख की बीमारी का इलाज किया गया। हालांकि उनकी पार्टी उनके स्वास्थ्य के बारे में चिताएं जता रही है।न्यायमूर्ति आफरीदी ने सुनवाई के दौरान कहा, 'इमरान खान के स्वास्थ्य का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है और इस मामले में हस्तक्षेप आवश्यक है।' शीर्ष अदालत ने खान को फोन के जरिये बच्चों से बात करने की अनुमति देने का भी आदेश दिया।

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पीटीआई के वकील सलमान सफदर को अदियाला जेल में खान से मिलने और उनकी रहन-सहन की परिस्थितियों के बारे में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था।खान से मिलने के बाद वकील ने रिपोर्ट पेश की।

'इलाज के बावजूद, उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि केवल 15 प्रतिशत रह गई है'

इसी बीच, डॉन अख़बार ने वकील की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि उस रिपोर्ट में सफदर की खान से मुलाकात, जेल की कोठरी की स्थिति, पूर्व प्रधानमंत्री को दी जा रही सुविधाएं और व्यवस्थाएं, उनके रहने के परिसर का विवरण तथा वकील के जेल तक पहुंचने की प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया गया है।अपनी रिपोर्ट में सफदर ने खान के हवाले से कहा, 'खान के इलाज के बावजूद, उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि केवल 15 प्रतिशत रह गई है।' अखबार के अनुसार खान ने सफदर को बताया कि 'करीब तीन-चार महीने पहले, यानी अक्टूबर 2025 तक, उनकी दोनों आंखों की दृष्टि सामान्य थी।'

रवि वैश्य
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रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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