इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमिर फारूक और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब की पीठ ने शरीफ के वकील आजम तरार तथा राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) की कानूनी टीम की दलीलें सुनी। पीठ ने इसके बाद सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी और अगली सुनवाई पर तरार से अपनी दलीलें पेश करने को कहा।
शरीफ लंदन में करीब चार साल के स्व-निर्वासन के बाद 21 अक्टूबर को पाकिस्तान लौटे थे। वह सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित थे।
अगले साल आठ फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उनके अपनी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) का नेतृत्व करने की उम्मीद है।
शरीफ को लंदन में अवैध संपत्ति रखने को लेकर एवेनफील्ड मामले में जुलाई 2018 में जवाबदेही अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। उनकी बेटी मरियम नवाज को भी मामले में सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन उन्हें और उनके पति मुहम्मद सफदर को सितंबर 2022 में बरी कर दिया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री को अल-अजीजिया स्टील मिल्स भ्रष्टाचार मामले में दोषी करार दिया गया था और दिसंबर 218 में सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
