इमरान खान (Imran Khan) को मंगलवार को Islamabad High Court से भ्रष्टाचार के एक मामले में अर्धसैनिक रेंजरों द्वारा गिरफ्तार किया गया था और एक जेल वैन में बांध दिया गया था, जिससे उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के समर्थकों द्वारा देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।
राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि खान को पीटीआई अध्यक्ष और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के स्वामित्व वाले अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है, जो सूफीवाद के लिए अल-कादिर विश्वविद्यालय की स्थापना से संबंधित है।
हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम सात लोगों की मौत
इमरान की गिरफ्तारी के विरोध में लगातार दूसरे दिन, देश के विभिन्न हिस्सों में हुए हिंसक प्रदर्शनों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और तीन प्रांतों में सेना तैनात करनी पड़ गई।राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो के आदेश पर मंगलवार को अर्द्धसैनिक बल ने इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के एक कक्ष में घुस कर खान को हिरासत में ले लिया था।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष को बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच यहां न्यायाधीश मुहम्मद बशीर की अध्यक्षता वाली जवाबदेही अदालत संख्या-1 में पेश किया गया।न्यायाधीश बशीर ने ही पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरयम को लंदन में संपत्ति रखने से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी करार दिया था। हालांकि, मरयम को बाद में इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने मामले में आरोपमुक्त कर दिया, जबकि शरीफ का मामला अब भी लंबित है।
जवाबदेही अदालत ने खान को आठ दिन के लिए ब्यूरो की रिमांड में भेज दिया
न्यायाधीश बशीर ने अभियोजन और खान की ओर से पेश हुए वकीलों की दलीलें सुनने के बाद शुरुआत में फैसला सुरक्षित रख लिया था। बाद में, फैसले की घोषणा करते हुए, जवाबदेही अदालत ने खान को आठ दिन के लिए ब्यूरो की रिमांड में भेज दिया।सुनवाई की शुरुआत में, ब्यूरो के वकीलों ने अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए 14 दिन की रिमांड में देने का अदालत से अनुरोध किया। उन पर सरकारी खजाने से 50 अरब पाकिस्तानी रुपये की लूट-खसोट करने का आरोप है।
'पिछले 24 घंटों के दौरान, मैं शौचालय नहीं जा सका हूं'
खान के वकील ने हालांकि याचिका का विरोध किया और आरोपों को गढ़ा हुआ बताते हुए उन्हें रिहा करने का अनुरोध किया। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की खबर के अनुसार, खान ने अपने बयान में अदालत को बताया कि उनकी जान को खतरा है।उन्होंने कहा, 'पिछले 24 घंटों के दौरान, मैं शौचालय नहीं जा सका हूं।' पूर्व प्रधानमंत्री ने अदालत से अनुरोध किया कि उनके डॉक्टर फैसल सुल्तान को उनसे मिलने की अनुमति दी जाए।
तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में आरोपित
खान ने कहा, 'मुझे डर है कि मेरा भी मकसूद चपरासी जैसा हश्र किया जाएगा।' उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के धन शोधन मामले के एक गवाह का जिक्र करते हुए यह कहा। पिछले साल दिल का दौरा पड़ने से मकसूद की मौत हो गई थी। खान की पार्टी ने गवाह की मौत को 'रहस्यमय' बताया था।खान को जिला एवं सत्र अदालत में भी पेश किया गया, जहां न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने उन्हें तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में आरोपित किया।खान, प्रधानमंत्री रहने के दौरान तोशाखाना से एक महंगी घड़ी सहित अन्य तोहफे खरीदने और लाभ हासिल करने के लिए उन्हें बेचने के आरोपों का सामना कर रहे हैं। यह मामला पिछले साल पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने दायर किया था और खान पिछले महीनों में कई सुनवाई में पेश नहीं हुए थे।
'उनकी गिरफ्तारी के लिए ब्यूरो ने सभी कानूनी औ़पचारिकताएं पूरी की'
इस बीच, बुधवार को खान की पार्टी ने उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखने संबंधी इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मंगलवार के आदेश को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की।डान अखबार की खबर के मुताबिक, 'अधिवक्ता अली जफर और पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी के नेता फवाद चौधरी ने इमरान खान के खिलाफ इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए एक उच्चतम न्यायालय में एक अर्जी दायर की है।' उच्च न्यायालय ने मंगलवार रात, खान की गिरफ्तारी को बरकरार रखते हुए कहा था कि उनकी गिरफ्तारी के लिए ब्यूरो ने सभी कानूनी औ़पचारिकताएं पूरी की। इस्लामाबाद के सेक्टर एच-11/1 इलाके में स्थित पुलिस लाइन मुख्यालय परिसर के न्यू पुलिस गेस्ट हाउस को इमरान के खिलाफ दो मामलों की सुनवाई के मकसद से विशेष अदालत परिसर घोषित किया गया था।
