Sonam Wangchuk: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 26 दिनों की भूख हड़ताल करने वाले सोनम वांगचुक मेदांता अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती हैं। हालांकि, उन्हें अनशन तोड़ दिया है, लेकिन उनका इलाज जारी है। इसी बीच सोनम वांगचुक की पत्नी ने अस्पताल की एक तस्वीर शेयर करते हुए एक बड़ा आरोप लगाया है।
गीतांजिल अंगमो ने आरोप लगाया है कि सफदरजंग अस्पताल से लेकर मेदांता अस्पताल तक वांगचुक के आसपास भारी पुलिस तैनाती है और उनसे मिलने वाले लोगों पर भी पुलिस नियंत्रण रख रही है। पोस्ट में कहा गया कि अस्पताल के मुख्य गेट, रिसेप्शन, लिफ्ट और ICU के बाहर पुलिसकर्मी तैनात हैं। इतना ही नहीं, यह भी आरोप लगाया गया कि कौन वांगचुक से मिल सकता है और कौन नहीं, इसका फैसला भी पुलिस ही कर रही है।
कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
पोस्ट में सवाल उठाया गया कि यदि अदालत स्पष्ट कर चुकी है कि सोनम वांगचुक हिरासत में नहीं हैं, तो फिर पुलिस किस कानूनी अधिकार के तहत लोगों की मुलाकात को नियंत्रित कर रही है? पोस्ट में आगे कहा गया कि एक लोकतांत्रिक देश में पुलिस की भूमिका नागरिकों की सुरक्षा और कानून का पालन सुनिश्चित करना है या फिर सत्ता के निर्देश पर नागरिकों को नियंत्रित करना। साथ ही इसे ऐसा सवाल बताया गया, जिस पर हर भारतीय को विचार करना चाहिए।
बता दें कि गुरुवार देर रात वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है। वांगचुक ने बताया कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अनशन तोड़ने का फैसला लिया है। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे। इसके अलावा लद्दाख की एपेक्स बॉडी के बड़े नेता भी वहां मौजूद रहे।
