बलूच विद्रोहियों के हमलों से तिलमिलाई मुनीर की सेना, बलूचिस्तान में बरपाया कहर, करीब 150 की मौत
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Feb 2, 2026, 07:07 AM IST
बलूचिस्तान भर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे से अधिक समय से निलंबित हैं, जबकि सड़क यातायात बाधित है और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के तहत ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं। आमतौर पर चहल-पहल से भरा रहने वाला क्वेटा रविवार को लगभग सुनसान पड़ा था।
बलूचिस्तान में सेना-विद्रोहियोंं की भिड़ंत
Violence In Balochistan: बलूचिस्तान में बलूच विद्रोहियों के हमलों से पाकिस्तान की सेना बौखला गई है और उसने बलूचिस्तान में कहर बरपाना शुरू कर दिया है। आसिम मुनीर की सेना की जवाबी कार्रवाई में करीब 150 विद्रोहियों की मौत हुई है। पाकिस्तान सुरक्षा बलों ने रविवार को बलूचिस्तान में सिलसिलेवार हमलों के पीछे के विद्रोहियों के साथ ही आम जनता पर भी कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रॉयटर्स ने आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हिंसा में कम से कम 31 नागरिक, 17 सुरक्षाकर्मी और 145 विद्रोही मारे गए हैं। इस अशांत प्रांत में हाल के वर्षों में हुए इन हमलों में सबसे घातक हमले हुए हैं, जिसके बाद इस्लामाबाद ने जवाबी कार्रवाई की कसम खाई है।
विद्रोहियों ने बैंकों, जेलों और सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
सेना के अभियान के दूसरे दिन अधिकारियों ने पूरे प्रांत में व्यापक सुरक्षा प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। एएफपी समाचार एजेंसी के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि शनिवार के हमलों में लगभग एक दर्जन स्थान, जिनमें प्रांतीय राजधानी क्वेटा भी शामिल है, रविवार को भी सील रहे। विद्रोहियों द्वारा बैंकों, जेलों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला करने के बाद सेना प्रभावित क्षेत्रों की तलाशी ले रही है। एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी को बताया कि हिंसा के दौरान एक उप जिला आयुक्त का अपहरण कर लिया गया था।
इंटरनेट सेवाएं बंद, सड़कें वीरान
बलूचिस्तान भर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे से अधिक समय से निलंबित हैं, जबकि सड़क यातायात बाधित है और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने के तहत ट्रेन सेवाएं रोक दी गई हैं। आमतौर पर चहल-पहल से भरा रहने वाला क्वेटा रविवार को लगभग सुनसान पड़ा था। प्रमुख सड़कें खाली थीं, दुकानें बंद थीं और हिंसा के दोबारा होने के डर से लोग घरों के अंदर ही रहे। शहर की कई सड़कों पर धातु के टुकड़े और क्षतिग्रस्त वाहन बिखरे पड़े थे, जो एक दिन पहले हुए विस्फोटों और गोलीबारी की तीव्रता की गवाही दे रहे थे।
सुरक्षित घर लौटने की कोई गारंटी नहीं
क्वेटा में एएफपी से बात करते हुए, 39 वर्षीय दुकानदार हमदुल्ला ने कहा कि घर से निकलने वाले किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित लौटने की कोई गारंटी नहीं है। हर किसी को इस बात का डर सता रहा है कि वे बिना किसी नुकसान के वापस लौटेंगे या नहीं। पाकिस्तान सेना ने कहा कि वह हमलों से प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान चला रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया। शनिवार देर रात जारी एक बयान में सेना ने कहा, इस जघन्य और कायरतापूर्ण कृत्य के उकसाने वालों, अपराधियों, मददगारों और सहयोगियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
बीएलए ने ली हमलों की जिम्मेदारी
प्रांत के सबसे सक्रिय अलगाववादी आतंकवादी समूह, बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एएफपी को भेजे गए एक बयान में इस हमले की जिम्मेदारी ली है और कहा है कि उसने बंदूक हमलों और आत्मघाती बम विस्फोटों के जरिए सैन्य प्रतिष्ठानों के साथ-साथ पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों को निशाना बनाया। शनिवार की हिंसा बलूचिस्तान में दो अलग-अलग अभियानों में 41 विद्रोहियों को मार गिराने के सैन्य बयान के एक दिन बाद हुई। बलूचिस्तान एक ऐसा प्रांत है जहां दशकों से अलगाववादी विद्रोह चल रहा है और सुरक्षा बलों, गैर-पाकिस्तानी नागरिकों और विदेशी हितों पर बार-बार हमले होते रहे हैं।
भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा
भारत ने रविवार को बलूचिस्तान हिंसा में भारतीय संलिप्तता के पाकिस्तानी सेना के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम पाकिस्तान द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं, जो उसकी आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने की उसकी सामान्य रणनीति के अलावा कुछ नहीं हैं। प्रवक्ता ने आगे कहा, हिंसक घटना होने पर हर बार बेबुनियाद दावे दोहराने के बजाय उसे इस क्षेत्र में अपने लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का उसका इतिहास जगजाहिर है।