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अमेरिकी सीनेट के समक्ष पेश हुए मार्को रुबियो, वेनेजुएला और ईरान को लेकर बताया आगे का प्लान

रुबियो ने कहा कि वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने का अमेरिकी अभियान युद्ध का कार्य नहीं था और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन देश में आगे कोई सैन्य कार्रवाई करने की योजना नहीं बना रहा है।

Marco Rubio

यूएस सीनेट के समक्ष पेश हुए मार्को रुबियो (फाइल फोटो)

Photo : AP

Marco Rubio: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बुधवार को सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष उपस्थित हुए और उन्होंने वेनेजुएला में ट्रंप प्रशासन की हालिया सैन्य कार्रवाइयों का बचाव करते हुए ईरान पर अमेरिकी रुख स्पष्ट किया। रुबियो ने कहा कि वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने का अमेरिकी अभियान युद्ध का कार्य नहीं था और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन देश में आगे कोई सैन्य कार्रवाई करने की योजना नहीं बना रहा है। उन्होंने सांसदों से कहा, हम किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हैं और न ही ऐसी कोई उम्मीद रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अतिरिक्त हमले वेनेजुएला को स्थिर करने और लोकतांत्रिक परिवर्तन का समर्थन करने के दीर्घकालिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

वेनेजुएला के तेल राजस्व को नियंत्रित करने का प्लान बताया

विदेश मंत्री ने यह भी विस्तार से बताया कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला के तेल राजस्व को कैसे नियंत्रित करेगा। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन जल्द ही वेनेजुएला को उस तेल को बेचने की अनुमति देगा जो वर्तमान में अमेरिकी प्रतिबंधों के अधीन है, और इन बिक्री से मिले धन का इस्तेमाल पहले वाशिंगटन की निगरानी में पुलिसिंग और स्वास्थ्य देखभाल जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जाएगा।

कहा- ईरान पर हमले की कोई योजना नहीं

उन्होंने ईरान मामले कहा कि फिलहाल देश पर हमला करने की कोई योजना नहीं है, भले ही अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। रुबियो ने संभावित ईरानी खतरों से अमेरिकी कर्मियों और सुविधाओं की रक्षा के लिए इस सैन्य विस्तार को बुद्धिमान और विवेकपूर्ण बताया। उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय आईं जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को एक बार फिर चेतावनी दी कि अगर वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को नहीं छोड़ता है तो उस पर कहीं अधिक भयावह हमला किया जाएगा।

ईरान मामला वेनेजुएला की तुलना में कहीं अधिक जटिल

रुबियो ने आगाह किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन वेनेजुएला की तुलना में कहीं अधिक जटिल होगा, उन्होंने ईरान के नेतृत्व की लंबी अवधि और सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। सुनवाई में यूक्रेन पर भी चर्चा हुई, रुबियो ने कहा कि क्षेत्र को लेकर असहमति अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता में एक प्रमुख बाधा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी समझौते के लिए वाशिंगटन को सुरक्षा कवच प्रदान करने की आवश्यकता हो सकती है। रुबियो ने आगे कहा कि ट्रंप प्रशासन क्यूबा की सरकार में बदलाव देखना चाहता है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा कि अमेरिका इस तरह के परिणाम के लिए दबाव डालेगा।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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