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किम-जोंग-उन ने अपनी विदेश मंत्री को भेजा रूस, यूक्रेन के खिलाफ उत्तर कोरियाई सैनिकों की तैनाती के बीच रवाना

Russia North Korea Relation:यह रिपोर्ट तब आई जब उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के चीफ ने सोमवार को पुष्टि की कि उत्तर कोरियाई सैनिकों को रूस के पश्चिमी सीमावर्ती कुर्स्क क्षेत्र में तैनात किया गया है। अमेरिका ने भी कहा कि उत्तर कोरिया ने ट्रेनिंग के लिए पूर्वी रूस में करीब 10,000 सैनिक भेजे हैं।

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Russia-North Korea

Photo : AP

Russia North Korea Relation: उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोई सोन-हुई आधिकारिक यात्रा के लिए रूस रवाना हो गई। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका ने कहा कि उत्तर कोरिया ने ट्रेनिंग के लिए पूर्वी रूस में करीब 10,000 सैनिक भेजे हैं। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, चोई की रूस यात्रा में दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों के बीच उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की मास्को की संभावित यात्रा के बारे में चर्चा शामिल होने की उम्मीद है।

चोई सोमवार को प्योंगयांग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुईं। योनहाप समाचार एजेंसी ने केसीएनए के हवाले से बताया कि चोई को विदा करने के लिए उप विदेश मंत्री किम जोंग-ग्यू और उत्तर कोरिया में रूसी राजदूत अलेक्जेंडर मात्सेगोरा मौजूद थे। उत्तर कोरिया में रूसी दूतावास ने अपने फेसबुक अकाउंट पर कहा कि चोई की यात्रा दोनों देशों के नेताओं द्वारा सहमत 'रणनीतिक वार्ता' का हिस्सा है।

रूस के कुर्स्क में तैनात किए गए उत्तर कोरियाई सैनिक

यह रिपोर्ट तब आई जब उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के चीफ ने सोमवार को पुष्टि की कि उत्तर कोरियाई सैनिकों को रूस के पश्चिमी सीमावर्ती कुर्स्क क्षेत्र में तैनात किया गया है। इस बात की भी व्यापक अटकलें लगाई जा रही हैं कि चोई अपने दौरे में किम जोंग उन की संभावित मास्को यात्रा की व्यवस्था करने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत कर सकती हैं।

किम-जोंग-उन अगले साल जा सकते हैं रूस

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के उप निदेशक ह्यून सेउंग-सू ने कहा, 'यह अनुमान है कि दोनों पक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद संयुक्त प्रतिक्रिया रणनीति पर चर्चा करेंगे, साथ ही किम की रूस यात्रा के कार्यक्रम की योजना भी बनाएंगे।" उन्होंने कहा कि किम की मॉस्को यात्रा अगले साल की शुरुआत में हो सकती है। उत्तर कोरिया और रूस, सैन्य और अन्य सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं, जून में प्योंगयांग में किम और पुतिन ने शिखर वार्ता की। उन्होंने एक नई साझेदारी संधि पर हस्ताक्षर किए जिसमें आपसी रक्षा खंड शामिल है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्री ने पिछली बार सितंबर में रूस का दौरा किया था। वह जनवरी में भी मॉस्को गई थीं, जहां उन्होंने पुतिन से मुलाकात की थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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