N. Korea Tests cruise Missiles : ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध के बीच उत्तर कोरिया ने अपनी ताकत दिखाई है। उसने अपने नए युद्धपोत से समुद्र से सतह पर मार करने वाली अपनी नई क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया का एक सप्ताह में यह दूसरा मिसाइल परीक्षण है। यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब ईरान युद्ध के चलत मध्य पूर्व एवं पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। रिपोर्ट यह भी है कि दक्षिण कोरिया में तैनात अपने एयर डिफेंस उपकरणों एवं हथियारों को अमेरिका वहां से निकालकर मध्य पूर्व की तरफ ले जा रहा है।
बेटी के साथ देखा मिसाइल का परीक्षण
उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन ने अपनी बेटी जू ए के साथ इस मिसाइल परीक्षण को टेलिविजन पर देखा। मिसाइल परीक्षण देखने वाली तस्वीर उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज एजेंसी ने जारी की है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक किम ने कहा, 'हाल के दिनों में हमने कई सफलताएं हासिल की हैं। हमारे रणनीतिक एवं टैक्टिकल हथियार असली जंग लड़ने के लिए तैयार हैं।'
'अपने हथियारों को मध्य-पूर्व की ओर ले जा रहा US'
रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया के विध्वंसक चोए ह्यों से क्रूज मिसाइलें एक साथ दागी गईं और इन्होंने देश के पश्चिमी तट के द्वीप पर लक्ष्यों को निशाना बनाया। उत्तर कोरिया ने यह परीक्षण ऐसे समय किया है जब अमेरिका कथित रूप से दक्षिण कोरिया में तैनात अपनी पैट्रिएट बैट्रीज एवं थाड सिस्टम सहित अन्य सैन्य उपकरणों को वहां से निकालकर मध्य पूर्व की तरफ ले जा रहा है।
दक्षिण कोरिया की चिंता बढ़ी
बताया जा रहा है कि इससे दक्षिण कोरिया में चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया में दशकों से शत्रुता चली आ रही है। दक्षिण कोरिया में अमेरिकी हथियार यदि नहीं होंगे तो उत्तर कोरिया इस मौके का फायदा उठा सकता है।
हमारी प्रतिरोधक क्षमता पर असर नहीं-दक्षिण कोरिया
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने मंगलवार को पुष्टि की कि सियोल, कोरियाई प्रायद्वीप से अमेरिका द्वारा अपने वायु रक्षा (एयर डिफेंस) संसाधनों को हटाने का विरोध करता है। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर वॉशिंगटन अपने सैन्य जरूरतों के अनुसार अपने हथियारों को कहीं और तैनात करना चाहता है, तो सियोल उसे रोक नहीं सकता। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने ब्लूमबर्ग न्यूज को दिए एक बयान में कहा, 'भले ही अमेरिकी फोर्सेज कोरिया की कुछ सैन्य संपत्तियों को विदेश में दोबारा तैनात किया जा रहा हो, लेकिन उत्तर कोरिया के खिलाफ हमारी प्रतिरोधक क्षमता (डिटरेंस) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसका कारण हमारी सैन्य क्षमता, रक्षा खर्च का स्तर, रक्षा उद्योग की ताकत और हमारे सैनिकों का ऊंचा मनोबल है।'
