अमेरिकी चेतावनियों से बेपरवाह नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक बार फिर मिसाइल परीक्षण को अंजाम दिया है। नॉर्थ कोरिया ने पश्चिमी तट पर एक के बाद एक 6 मिसाइलें दागी हैं। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उत्तर कोरिया ने गुरुवार को पश्चिमी तट से पानी की ओर कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक ही समय में छह मिसाइलें दागी गईं। यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया अगले सप्ताह अपने सबसे बड़े संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास फ्रीडम शील्ड आयोजित करने जा रहे हैं।
एक के बाद एक 6 मिसाइलें दागीं
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि नाम्पो के पश्चिमी तटीय शहर के पास एक क्षेत्र से शाम करीब 6:20 बजे 6 मिसाइलें दागी गईं। हालांकि, यह कितनी दूर तक पहुंची यह सामने नहीं आया। यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने कहा कि नए मिसाइल लॉन्च से अमेरिका या उसके सहयोगियों को कोई खतरा नहीं है। लेकिन प्योंगयांग के सामूहिक विनाश के हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों का क्षेत्र पर अस्थिर प्रभाव पड़ता है।
किम जोंग की बहन ने दी थी चेतावनी
किम जोंग की बहन की ओर से चेतावनी जारी करने के कुछ दिनों बाद ये मिसाइल टेस्ट हुए हैं। किम जोंग की बहन ने कहा था कि हमारा देश अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ त्वरित और बड़ी कार्रवाई करने के लिए तैयार है क्योंकि ये देश उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु खतरे से निपटने के लिए अपने सैन्य प्रशिक्षण का विस्तार कर रहे हैं। वहीं, रॉयटर्स ने राज्य मीडिया के हवाले से बताया किम जोंग उन ने असली युद्ध के लिए सेना को अभ्यास तेज करने का आदेश दिया है। किन जोंग ने एक फायर असॉल्ट ड्रिल का भी मुआयना किया और कहा गया कि यह असली जंग का मुकाबला करने की देश की क्षमता को साबित करता है।
किम जोंग ने युद्ध के लिए तैयार रहने को कहा
उत्तर कोरिया की केसीएनए समाचार एजेंसी ने कहा कि स्ट्राइक मिशन के लिए प्रशिक्षित एक यूनिट ने पानी में मिसाइलें दागीं और असली युद्ध का मुकाबला करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। किम ने जोर देकर कहा कि यूनिट को दो सामरिक मिशनों को कामयाबी के साथ पूरा करने के लिए सख्ती से तैयार किया जाना चाहिए, जो युद्ध को रोकने के लिए और युद्ध में पहल करने के लिए जरूरी है।
उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु उकसावों के कारण दक्षिण कोरिया और जापान दोनों ने अमेरिका के साथ अपने गठबंधन के साथ मिलकर अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने की योजना बनाई है। किम जोंग उन अपने देश में गहराते आर्थिक संकट और महामारी संबंधी मुश्किलों के बावजूद आक्रामक रूप से अपने परमाणु शस्त्रागार को बढ़ा रहा है।
