Bangladesh Violence: बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरोधी उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई। हत्या और आगजनी की घटनाएं दर्ज की गईं। इतना ही नहीं हिंसक भीड़ ने ढाका के पास भालुका में एक हिंदू युवक को पीट-पीटकर मार डाला। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद युनुस ने हिंदू युवक की पीट-पीटकर की गई हत्या की निंदा की और कहा कि 'नए बांग्लादेश' में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।
युनुस सरकार ने कहा कि नए बांग्लादेश में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। इसमें शामिल सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। ढाका में एक बयान में कहा, ''हम एक हिंदू व्यक्ति की पिटाई और हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हैं। नए बांग्लादेश में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। इस क्रूर अपराध में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।"
हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या
मरने वाले हिंदू युवक की पहचान दीपू चंद्र दास (30) के तौर पर हुई है। दीपू फैक्ट्री में काम करता था और मैमनसिंह के तारकंडा उपजिला का रहने वाला था। बकौल पुलिस, स्थानीयों ने धर्म का अपमान करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार की रात 9 बजे के आसपास उस पर हमला कर दिया।
पेड़ से बांधकर लगा दी आग
स्थानीय सूत्रों के हवाले से, बांग्लादेशी बंगाली मीडिया आउटलेट बार्टा बाजार ने बताया कि दीपू पर वर्ल्ड अरेबिक लैंग्वेज डे पर फैक्ट्री में हुए एक इवेंट के दौरान इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद के बारे में गलत कमेंट करने का आरोप था। गुस्साई भीड़ ने उसे पीटा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, युवक की मौत के बाद हालात और खराब हो गए। भीड़ शव को स्क्वायर मास्टरबाड़ी बस स्टैंड इलाके में ले गई, उसे रस्सी से एक पेड़ से बांध दिया और नारे लगाते हुए उसमें आग लगा दी। हिंसा और कट्टरपंथ की ये कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
शेख हसीना के नेता ने की कड़ी निंदा
मानवता को शर्मसार करने वाली इस घटना में भीड़ ने शव को ढाका-मैमनसिंह हाईवे पर ले जाकर फिर से उसमें आग लगा दी, जिससे ट्रैफिक में रुकावट आई और स्थानीय लोगों में डर फैल गया। भालुका उपजिला के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर मोहम्मद फिरोज हुसैन ने कहा कि पैगंबर का अपमान करने के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। बांग्लादेश के पूर्व मंत्री और अवामी लीग के नेता मोहम्मद अली अराफात ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश लगातार बड़े पैमाने पर कट्टरपंथ की ओर बढ़ रहा है।
