Times Now Navbharat
live-tv
Premium

कौन थे शरीफ उस्मान हादी? जिनकी मौत पर बांग्लादेश में भड़की हिंसा, 32 साल की उम्र में ही युवाओं के बन गए थे चहेते

हादी का जन्म झलकाठी जिले में हुआ था और उनके पिता एक मदरसा टीचर थे। हादी की शुरुआती पढ़ाई नेसराबाद कामिल मदरसे में हुई। 32 साल के हाथी ढाका यूनिवर्सिटी में राजनीतिशास्त्र के छात्र थे। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। उस्मान ने बीएनपी के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। हादी हसीना के खिलाफ चलने वाले आंदोलन के मुख्य चेहरों में से एक थे। उन्होंने इंकलाब मंच का गठन किया था।

Image
Photo : AP
ढाका में अज्ञात हमलावरों ने हादी के सिर में गोली मारी। तस्वीर-AP
Written by: Alok Rao
Updated Dec 19, 2025, 13:53 IST
Follow on Google News

Who was Osman Hadi? विद्रोही एवं युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बवाल हो रहा है। गुरुवार को राजधानी ढाका सहित कई शहरों में आगजनी और उपद्रव हुआ। उग्र एवं उन्मादित भीड़ की हिंसा का निशाना बांग्लादेश के दो बड़े अखबार डेली स्टार और प्रोथोम आलो बने। एक समाचार पत्र के दफ्तर में भीड़ ने जमकर तोड़फोड़ की तो दूसरे को आग के हवाले कर दिया। भीड़ का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। वह सड़कों पर है। इस बीच देश के हालात को देखते हुए अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बांग्लादेश में इस हिंसा की आग ऐसे समय फैली है जब वहां आम चुनाव की तैयारी चल रही है। बांग्लादेश चुनाव आयोग देश में 12 फरवरी को आम चुनाव कराने की घोषणा की है। इसी दिन यहां एक जनमत संग्रह भी कराया जाएगा। एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि हिंसा का यह दौर यदि थमा नहीं तो देश को अस्थिरता का सामना करना पड़ सकता है।

कौन थे शरीफ उस्मान हादी?

जुलाई 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान सुर्खियों में आए शरीफ उस्मान हादी की गुरुवार को मौत हो गई। गत 12 दिसंबर को ढाका में उन पर जानलेवा हमला उस समय हुआ जब वह पलटन इलाके में कलवर्ट रोड पर बैटरी से चलने वाले ऑटो रिक्शा से जा रहे थे। बताया जाता है कि बाइक सवार हमलावरों ने हादी के सिर में गोली मारी। बुरी तरह जख्मी हादी को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से सिंगापुर ले जाया गया और उन्हें एसजीएच अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की जी-तोड़ मेहनत की। इलाज के दौरान ही हादी की मौत हो गई। उनकी मौत की खबर जैसे ही बांग्लादेश पहुंची, उनके समर्थक सड़कों पर आ गए और उपद्रव मचाने लगे। हादी पर हमला करने वाले कौन लोग थे, इसकी पहचान नहीं हो पाई।

  • 32 साल के थे शाहिद उस्मान हादी
  • बांग्लादेश के झलकाठी जिले में जन्म
  • मदरसा स्कूल में टीचर थे हादी के पिता
  • नेसराबाद कामिल मदरसे से हुई हादी की पढ़ाई
  • ढाका यूनिवर्सिटी में राजनीतिशास्त्र के छात्र थे
  • कई किताबें भी लिख चुके थे उस्मान हादी
  • आम चुनाव में निर्दलीय उतरने की थी तैयारी
  • ढाका-8 निर्वाचुन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले थे

कई किताबें भी लिख चुके थे 32 साल के हादी

हादी का जन्म झलकाठी जिले में हुआ था और उनके पिता एक मदरसा टीचर थे। हादी की शुरुआती पढ़ाई नेसराबाद कामिल मदरसे में हुई। 32 साल के हाथी ढाका यूनिवर्सिटी में राजनीतिशास्त्र के छात्र थे। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं। उस्मान ने बीएनपी के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। हादी हसीना के खिलाफ चलने वाले आंदोलन के मुख्य चेहरों में से एक थे। उन्होंने इंकलाब मंच का गठन किया था। आंदोलन के बाद बांग्लादेश के युवाओं में उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ गई थी। हादी ने देश के आम चुनाव में निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ने की भी घोषणा की थी। वह ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से अपना चुनाव प्रचार भी कर रहे थे। बताया जाता है कि चुनाव प्रचार के दौरान ही उन पर हमला हुआ। हादी के इंकलाब मंच को एक चरमपंथी संगठन माना जाता है। माना यह भी जाता है कि हसीना की पार्टी अवामी लीग को कमजोर एवं उसे तितर-बितर करने में इस मंच की अहम भूमिका रही। बाद में यूनुस सरकार ने अवामी लीग का रजिस्ट्रेशन रद्द करत हुए उसके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी।

bangladesh violence

bangladesh violence

हत्यारों को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई का वादा

मोहम्मद यूनुस ने बृहस्पतिवार रात को टेलीविजन पर राष्ट्र के नाम संबोधन में हादी की मौत की पुष्टि की और उनके हत्यारों को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई का वादा किया। यूनुस ने कहा, ‘आज मैं आपके समक्ष अत्यंत दुखद समाचार लेकर आया हूं। ‘जुलाई विद्रोह’ के निडर योद्धा और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं रहे।’ यूनुस ने हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई का वादा किया और एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। उन्होंने इस वारदात में शामिल लोगों को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाने का संकल्प लिया और कहा, ‘हत्यारों के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई जाएगी।’उन्होंने कहा, ‘मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं - धैर्य और संयम बनाए रखें।’

छात्र समूह ने ढाका विश्वविद्यालय परिसर में मातमी जुलूस निकाला

उन्होंने कहा, ‘कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अन्य संबंधित संगठनों को पेशेवर तरीके से जांच करने का अवसर दिया जाए।’ यूनुस ने यह भी कहा कि राष्ट्र कानून राज कायम करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हादी की मौत की घोषणा के बाद ढाका विश्वविद्यालय परिसर के पास शाहबाग चौराहे पर सैकड़ों छात्र और लोग जमा हो गए और ‘‘तुम कौन हो, मैं कौन हूं - हादी, हादी’’ जैसे नारे लगाए। ‘जातीय छात्र शक्ति’ नामक एक छात्र समूह ने ढाका विश्वविद्यालय परिसर में मातमी जुलूस निकाला और प्रदर्शन में शामिल होने के लिए शाहबाग की ओर मार्च किया। पिछले साल के हिंसक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ (एसएडी) के एक बड़े सहयोगी संगठन नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने भी छात्रों के साथ आंदोलन में हिस्सा लिया और भारत विरोधी नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि हादी पर हमला करने के बाद हमलावर भारत भाग गए। उन्होंने अंतरिम सरकार से मांग की कि जब तक हमलावरों को वापस नहीं लाया जाता, तब तक भारतीय उच्चायोग को बंद रखा जाए।

प्रोथोम आलो, डेली स्टार अखबार के कार्यालयों पर हमला

एनसीपी के एक प्रमुख नेता सरजिस आलम ने कहा, ‘जब तक भारत हादी भाई के हत्यारों को वापस नहीं कर देता, तब तक अंतरिम सरकार में बांग्लादेश स्थित भारतीय उच्चायोग बंद रहेगा। अभी नहीं तो कभी नहीं। हम युद्ध में हैं!’छात्र शक्ति ने गृह मामलों के सलाहकार का पुतला फूंका और हादी के हत्यारों को गिरफ्तार करने में उनकी विफलता को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने राजधानी के कारवां बाजार में शाहबाग चौराहे के पास स्थित बांग्ला समाचार पत्र ‘प्रोथोम आलो’ के कार्यालय और पास के ‘डेली स्टार’ अखबार के कार्यालयों पर हमला किया। खबरों के अनुसार, उन्होंने कई मंजिलों में तोड़फोड़ की और भीड़ ने इमारत के सामने आग लगा दी। इस दौरान इमारत में पत्रकार और अखबार के कर्मचारी अंदर ही फंसे रहे।

bangladesh

bangladesh

चटगांव में पूर्व शिक्षा मंत्री के घर को फूंका

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘रात लगभग 11 बजे सैकड़ों प्रदर्शनकारी ‘प्रोथोम आलो’ के कार्यालय पहुंचे और बाद में इमारत को घेर लिया।’ उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने ‘प्रोथोम आलो’ की इमारत में तोड़फोड़ करने के बाद ‘डेली स्टार’ के कार्यालय में आग लगा दी। इन दोनों अखबारों को यूनुस का अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन करने के लिए जाना जाता है और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों समाचार पत्रों पर हमला क्यों हुआ। सोशल मीडिया मंच पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शनकारियों का एक समूह बांग्लादेश के संस्थापक पिता शेख मुजीबुर रहमान के आवास ‘32 धानमंडी’ की ओर बढ़ता हुआ दिख रहा है, जिसे दशकों तक बांग्लादेश के स्वतंत्रता-पूर्व स्वायत्तता संघर्ष का केंद्र बिंदु माना जाता है। ट्रस्ट के तहत स्मारक संग्रहालय में परिवर्तित किए गए इस आवास को इस वर्ष पांच फरवरी को खुदाई में इस्तेमाल होने वाली मशीनों से काफी हद तक ध्वस्त कर दिया गया था, जबकि पांच अगस्त, 2024 को तत्कालीन अवामी लीग सरकार के पतन के बाद इसमें आग भी लगा दी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने उत्तर पूर्व के बंदरगाह शहर चटगांव में पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल के घर को भी आग लगा दी, जबकि देश के अन्य हिस्सों से भी ऐसे हमलों की खबरें आईं।

हादी की मौत से अपूरणीय क्षति हुई-यूनुस

अपने संबोधन में मुख्य सलाहकार ने स्पष्ट रूप से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की भंग हो चुकी अवामी लीग का उल्लेख करते हुए हादी को ‘पराजित ताकतों और फासीवादी आतंकवादियों का दुश्मन’बताया। उन्होंने कहा, ‘क्रांतिकारियों को डराने के उनके नापाक प्रयास पूरी तरह विफल हो जाएंगे।’ यूनुस ने कहा कि हादी की मृत्यु से देश की राजनीतिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा, ‘मैं उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और उनकी शोक संतप्त पत्नी, परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।’ उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हादी की पत्नी और उनके एक मात्र बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी लेगी। उन्होंने कहा, ‘धमकी, आतंकवादी गतिविधियों या खून खराबे के जरिए कोई भी इस देश की लोकतांत्रिक प्रगति को नहीं रोक सकता और हादी के सपने को साकार करने की जिम्मेदारी पूरे देश के कंधों पर है।’ मंच ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि हमलावरों की गिरफ्तारी तक वह शाहबाग चौराहे पर धरना देगा।

50 लाख टका इनाम देने की घोषणा

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी ने भी हादी की मौत पर शोक व्यक्त किया। इंकलाब मंच के नेता मोहम्मद अब्दुल आहद ने कहा कि हादी का शव शुक्रवार को घर लाया जाएगा। गृह मामलों के सलाहकार ने इससे पहले हादी पर हमला करने वाले संदिग्धों से संबंधित कोई भी सुराग बताने वाले को 50 लाख टका इनाम देने की घोषणा की थी। पुलिस ने मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद के माता-पिता, पत्नी और एक महिला मित्र को गिरफ्तार कर लिया है।

End of Article