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हमारी अमेरिका से कोई सीधी बातचीत नहीं, ईरान ने पाकिस्तान की भूमिका पर भी खड़े किए सवाल, US की शर्तों पर साफ किया रुख

ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष बातचीत से इनकार करते हुए कहा कि अब तक संवाद केवल मध्यस्थों के जरिए हुआ है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता उसकी अपनी पहल है, ईरान इसका हिस्सा नहीं है। प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी शर्तों को अतार्किक बताया और कहा कि ट्रंप के बदलते बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

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ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका को चेताया

Photo : AP

ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अब तक दोनों देशों के बीच सिर्फ मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने अपनी ओर से बातचीत की पहल की है, इसमें ईरान शामिल नहीं है।

इरान की अर्द्ध सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने उनके हवाले से बताया कि अमेरिका ने बातचीत की इच्छा जताई है,लेकिन उसकी ओर से भेजी गई शर्तें अतार्किक हैं। बघाई ने कहा कि ईरान का रुख शुरू से स्पष्ट रहा है,जबकि अमेरिका अपने रवैए में लगातार बदल लाता रहा है। ईरान ने यह भी कहा कि उसे पूरी तरह पता है कि वह किस ढांचे में बातचीत पर विचार करेगा। अमेरिकी कूटनीति पर तंज कसते हुए कहा कि वहां खुद लोग उनके (ट्रंप) दावों को कितनी गंभीरता से लेते हैं, यह सोचने वाली बात है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भी बोले

पाकिस्तान में हुई बैठकों पर ईरान ने स्पष्ट किया कि ये उनकी अपनी पहल है, लेकिन तेहरान इसमें शामिल नहीं है। उसने मध्य-पूर्व के देशों से कहा कि वे संघर्ष खत्म करने की कोशिश करें,लेकिन यह भी ध्यान रखें कि इसकी शुरुआत किसने की थी।

अमेरिकी चाहें जो कहें, हमारी कोई वार्ता नहीं हुई

ट्रंप के इस दावे पर कि ईरान, यूएस के प्रस्तावों पर सहमत हो गया है, बघाई ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी जो चाहें बोल सकते हैं,लेकिन ईरान ने यूएस के साथ कोई बातचीत नहीं की है।उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका से बातचीत के लिए सिर्फ तीसरे देशों के जरिए अनुरोध किया गया था।

अमेरिका के दावे भरोसे लायक नहीं

बघाई ने कहा कि ईरान की स्थिति साफ है,हमलों के खिलाफ ईरान की कोशिशें खुद को बचाने पर ही केंद्रित है। उन्होंने कहा कि कि अमेरिका के दावे भरोसे लायक नहीं है। हमने पहले भी देखा है कि बातचीत की आड़ में उन्होंने हमला कर हमें धोखे में रखा।

ट्रंप की बातों पर भरोसा न करें निवेशक- गलीबाफ

इस बीच,ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ट्रंप के बयानों को मार्केट की चाल से जोड़ा है। उन्होंने निवेशकों से अपील की है कि वो ट्रंप की कही पर तुरंत भरोसा न करें। उन्होंने एक्स पर कहा कि जब अमेरिकी बयान से बाजार तेजी से ऊपर-नीचे हो, तो उसी दिशा में चलने के बजाय उल्टा सोचकर कदम उठाना बेहतर हो सकता है।

गालीबाफ का इशारा ट्रंप के हालिया बयानों को लेकर है। जब ट्रंप ने 22 मार्च को कहा कि ईरान के साथ अच्छी बातचीत और उसके एनर्जी ठिकानों पर हमले टाल दिए गए हैं। इससे बाजार में राहत आई, अमेरिकी शेयर बाजार चढ़े और तेल की कीमतें गिर गईं। कुछ ही दिनों बाद हालात बदल गए। ट्रंप ने फिर कड़ी टिप्पणी की, इजरायल ने तेहरान पर हमले किए, और सऊदी अरब में ड्रोन इंटरसेप्शन की खबरें आईं। इसके बाद बाजार पलट गया। शेयर गिरे और तेल की कीमतें फिर बढ़ गईं।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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