Benjamin Netanyahu : गाजा पट्टी को लेकर इजराइल ने अपनी रणनीति बदल दी है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि गाजा पट्टी के 70 फीसदी हिस्से को अपने अधीन लेने के लिए उन्होंने इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) को आदेश दे दिया है। आईडीएफ गाजा के हिस्से में अपने नियंत्रण का विस्तार करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक वेस्ट बैंक में मीडिया से बात करते हुए नेतन्याहू ने यह बात कही। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल, हमास पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है और अभी गाजा के 60 फीसदी हिस्से पर उसका नियंत्रण है।
'अभी हम गाजा स्ट्रिप के 60 प्रतिशत हिस्से पर हैं'
नेतन्याहू ने कहा, 'अभी हम गाजा स्ट्रिप के 60 प्रतिशत हिस्से पर हैं। इससे पहले हम 50 प्रतिशत पर थे। इससे बढ़कर हम 60 फीसदी पर आए। मेरा आईडीएफ को आदेश है कि वह धीरे-धीरे आगे बढ़े और 70 फीसदी हिस्से को अपने नियंत्रण में ले।' इजराइल के पीएम ने कहा कि आईडीएफ धीरे-धीरे आगे बढ़ेगी और गाजा पट्टी के हिस्से को अपने अधीन लेगी।
लेबनान के चौथे सबसे बड़े शहर पर बमबारी
इजराइली सेना ने बृहस्पतिवार तड़के लेबनान के चौथे सबसे बड़े शहर पर बमबारी की, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गयी। इजराइली सेना का यह हमला वाशिंगटन में होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता से पहले हिजबुल्ला समूह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और तेज करने से जुड़े अभियान का हिस्सा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सरकार के स्वामित्व वाली ’नेशनल न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, इन हमलों में मारे गए लोगों में पांच महिलाएं, बच्चे और लेबनान का एक सैनिक शामिल है तथा दर्जनों लोग घायल हुए। इस बीच, इजराइली सेना ने बताया कि उत्तरी इजराइल में हिजबुल्ला के ड्रोन हमले में एक सैनिक मारा गया।
बेरूत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा
नेतन्याहू ने लेबनान में सैन्य हमलों को तेज करने की घोषणा की थी, जिसके बाद ये हवाई हमले किये गये। लेबनान और इजराइल के सैन्य अधिकारी शुक्रवार को अमेरिका की राजधानी में अपनी पहली सुरक्षा वार्ता करने वाले हैं। इस वार्ता में 17 अप्रैल से लागू नाममात्र के युद्धविराम को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है हालांकि तब से हमले तेज हो गए हैं लेकिन लेबनान की राजधानी बेरूत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हिज्बुल्ला ने वार्ता को खारिज कर दिया और इसके बजाय उसने अपने प्रमुख सहयोगी ईरान का समर्थन किया। ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता से वाशिंगटन के साथ अपनी वार्ता के लिए लेबनान में युद्ध समाप्त करने को एक शर्त बना रखा है।
