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नेपाल की राजनीति में हड़कंप: पूर्व PM केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक गिरफ्तार, 'Gen Z' हिंसा मामले में गिरी गाज

पड़ोसी देश नेपाल की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। Gen Z प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मौतों के मामले में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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केपी ओली गिरफ्तार

Photo : AP

KP Oli Arrest: नेपाल में पिछले साल सितंबर में हुए 'जेन जी' (Gen Z) विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मौतों के मामले में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की कैबिनेट द्वारा एक विशेष जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के फैसले के बाद की गई है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी से ठीक पहले, नेपाली कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को उनके घर से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारियां पिछले साल सितंबर में हुए युवाओं के 'जेन जी' विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और 77 लोगों की मृत्यु के मामले में की गई हैं।

तड़के हुई गिरफ्तारियां

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रमेश लेखक को सुबह लगभग 5 बजे उनके सूर्यविनायक, भक्तपुर स्थित निवास से हिरासत में लिया गया। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके गुंडू, भक्तपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया। इन गिरफ्तारियों के लिए काठमांडू घाटी पुलिस कार्यालय और भक्तपुर जिला पुलिस रेंज की टीमों को तैनात किया गया था।

जांच आयोग की सिफारिशें

यह पूरी कार्रवाई विशेष अदालत के पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व वाले आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई है। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन सरकार और सुरक्षा अधिकारियों को 'आपराधिक लापरवाही' का दोषी पाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि खुफिया जानकारी होने के बावजूद प्रशासन हिंसा रोकने में विफल रहा, जिसके कारण जान-माल की भारी हानि हुई।

10 साल की हो सकती है सजा

आयोग ने केपी शर्मा ओली, रमेश लेखक और तत्कालीन आईजीपी चंद्र कुबेर खापुंग के खिलाफ राष्ट्रीय दंड संहिता की धारा 181 और 182 के तहत मुकदमा चलाने की सिफारिश की है। इन धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष के कारावास का दंड दिया जा सकता है।

उच्चाधिकारियों पर भी गिरेगी गाज

रिपोर्ट में न केवल राजनेताओं बल्कि तत्कालीन गृह सचिव गोकर्ण मणि दवाडी, सशस्त्र पुलिस बल के प्रमुख राजू अर्याल और राष्ट्रीय जांच विभाग के पूर्व प्रमुख हुतराज थापा के खिलाफ भी धारा 182 के तहत कार्रवाई का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, वर्तमान पुलिस महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की को औपचारिक फटकार लगाने की सिफारिश की गई है, जो उनके भविष्य के प्रमोशन को प्रभावित कर सकता है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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