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व्हाइट हाउस के पास आतंकी हमले में जख्मी एक नेशनल गार्ड की मौत, दूसरे की हालत नाजुक

बुधवार को एक व्यक्ति ने वाशिंगटन डीसी मेट्रो स्टेशन के समीप तैनात नेशनल गार्ड के इन दोनों जवानों को करीब से गोली मार दी। हालांकि, वहां तैनात अन्य नेशनल गार्ड के जवानों ने संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। हमलावर की पहचान अफगानिस्तान के रहमनुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है।

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दूसरे घायल जवान की हालत नाजुक बनी हुई है। तस्वीर-AP

Washington DC Shooting: व्हाइट हाउस के समीप फायरिंग के दौरान जख्मी होने वाले नेशनल गार्ड के दो जवानों में से एक की मौत हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बताया कि इस हमले में घायल साराह बेकस्टार्म (20) ने दम तोड़ दिया जबकि 24 साल के एंड्रिउ वोल्फ की हालत गंभीर बनी हुई है और वे मौत से जूझ रहे हैं। बुधवार को एक व्यक्ति ने वाशिंगटन डीसी मेट्रो स्टेशन के समीप तैनात नेशनल गार्ड के इन दोनों जवानों को करीब से गोली मार दी। हालांकि, वहां तैनात अन्य नेशनल गार्ड के जवानों ने संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। हमलावर की पहचान अफगानिस्तान के रहमनुल्लाह लकनवल के रूप में हुई है।

‘थैंक्सगिविंग’ से पहले हुई यह घटना

‘थैंक्सगिविंग’ से पहले नेशनल गार्ड के सैनिकों पर गोलीबारी की यह असाधारण घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका की राजधानी और अन्य शहरों में उसकी मौजूदगी महीनों से विवाद का मुद्दा बनी हुई है, जिससे अदालत में कानूनी लड़ाई और सार्वजनिक नीति पर व्यापक बहस छिड़ गई है। यह विवाद बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा सेना का इस्तेमाल किए जाने से जुड़ा है। एक कानून प्रवर्तन अधिकारी ने नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया कि पुलिस हिरासत में लिए गए एक संदिग्ध को भी गोली लगी है लेकिन ऐसा बताया गया है कि उसकी चोट जानलेवा नहीं हैं।

29 वर्षीय संदिग्ध अफगान नागरिक है

अधिकारियों ने बताया कि 29 वर्षीय संदिग्ध अफगान नागरिक है जो 2021 में ‘ऑपरेशन अलाइज वेलकम’ के तहत अमेरिका पहुंचा था। यह बाइडन प्रशासन का कार्यक्रम था जिसके तहत अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद वहां से निकाले गए हजारों अफगान नागरिकों को यहां बसाया गया था। इस पहल के तहत करीब 76,000 लोग अमेरिका लाए गए, जिनमें से कई अमेरिकी सैनिकों और राजनयिकों के साथ बतौर दुभाषिया और अनुवादक काम कर चुके थे। लेकिन इनके सत्यापन की प्रक्रिया में खामियों को लेकर ट्रंप एवं उनके सहयोगियों, कांग्रेस के रिपब्लिकन सदस्यों और कुछ सरकारी निगरानी संस्थाओं ने इस नीति की कड़ी आलोचना की थी जबकि समर्थकों का कहना था कि इसने तालिबान के प्रतिशोध का जोखिम झेल रहे लोगों को जीवनदान दिया।

रहमानुल्लाह लकनवल के रूप में हुई पहचान

वाशिंगटन में रह रहे संदिग्ध की पहचान कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा रहमानुल्लाह लकनवल के रूप में की गई है लेकिन दो कानून प्रवर्तन अधिकारियों और मामले से जुड़े एक व्यक्ति के अनुसार, अधिकारी अब भी उसकी पृष्ठभूमि की पूरी तरह से पुष्टि करने में लगे हैं। लकनवल अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ वाशिंगटन के बेलिंघम पहुंचा था जो सिएटल से लगभग 127.1 किलोमीटर उत्तर में है। उसकी पूर्व मकान-मालकिन क्रिस्टिना विडमैन ने यह जानकारी दी। ट्रंप ने बुधवार रात को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक वीडियो संदेश में बाइडन प्रशासन के तहत आए सभी अफगान शरणार्थियों की दोबारा जांच करने की मांग की।

हमले के पीछे के मकसद का पता नहीं चला

वाशिंगटन पुलिस के कार्यकारी सहायक प्रमुख जेफरी कैरोल ने कहा कि जांचकर्ताओं को अभी हमले के पीछे के मकसद का पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि हमलावर करीब आया और वीडियो फुटेज के अनुसार उसने सैनिकों को देखते ही गोलियां चलानी शुरू कर दीं। वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने शुरुआत में कहा था कि सैनिकों की मौत हो गई है, लेकिन बाद में उन्होंने बयान वापस लेते हुए कहा कि उनके कार्यालय को ‘परस्पर विरोधाभासी खबरें’ मिल रही हैं। गोलीबारी के बाद ट्रंप प्रशासन ने तुरंत 500 और नेशनल गार्ड सदस्यों को वाशिंगटन भेजने का आदेश दिया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें अतिरिक्त सैनिक भेजने के लिए कहा है।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव Author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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