म्यांमार में पांच साल के गृहयुद्ध के बाद नई संसद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू, पहले चरण का मतदान जारी
- Edited by: शिशुपाल कुमार
- Updated Dec 28, 2025, 11:24 AM IST
म्यांमार में पांच साल के गृहयुद्ध के बाद आम चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पहले चरण का मतदान हो रहा है। इस बार महिला उम्मीदवारों की संख्या बढ़कर 1,183 हो गई है, जबकि कुल 57 पार्टियों के पांच हजार से अधिक उम्मीदवार 1100 से ज्यादा सीटों पर मैदान में हैं।
म्यांमार में मतदान (फोटो- AP)
म्यांमार में पांच साल से चल रहे गृहयुद्ध और अस्थिरता के दौर के बाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रविवार से आम चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है। इससे पहले देश में आखिरी आम चुनाव नवंबर 2020 में हुए थे।
महिला उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी
राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा परिषद की सूचना टीम के मुताबिक, इस बार चुनाव में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। कुल 1,183 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि 2020 के चुनाव में यह संख्या 908 थी।
संघ चुनाव आयोग के सदस्य यू खिन माउंग ऊ ने बताया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रमुख कारण आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली को अपनाना है, जिसने अधिक महिलाओं को राजनीतिक मंच पर आने का अवसर दिया।
तीन चरणों में होगा चुनाव
- म्यांमार में चुनाव तीन चरणों में कराए जा रहे हैं।
- दूसरा चरण 11 जनवरी 2026 को
- तीसरा चरण 25 जनवरी 2026 को होगा।
- निर्वाचन आयोग के अनुसार, देशभर में 21,517 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
1100 से ज्यादा सीटों पर मुकाबला
चुनाव में निचले सदन पाइथू ह्लुटाव, ऊपरी सदन अम्योथा ह्लुटाव, और राज्य एवं क्षेत्रीय विधानसभाओं की सीटों के लिए मतदान हो रहा है। कुल मिलाकर 1100 से अधिक सीटों पर मुकाबला है। इस चुनाव में 57 राजनीतिक पार्टियों के लगभग पांच हजार से अधिक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
नई संसद चुनेगी देश का राष्ट्रपति
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संसद सदस्यों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नई संसद राष्ट्रपति का चुनाव करेगी। इससे देश में नई राजनीतिक संरचना तय होगी।
नई चुनाव प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की शुरुआत
इस बार म्यांमार ने चुनाव प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए मिश्रित-सदस्य आनुपातिक (MMP) सिस्टम लागू किया है, जिसमें ‘फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट’ और आनुपातिक प्रतिनिधित्व-दोनों तरीकों को जोड़ा गया है। इसके साथ ही म्यांमार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का भी पहली बार उपयोग किया जा रहा है।
प्रवासी नागरिक भी हुए शामिल
सूचना मंत्रालय के अनुसार, विदेश में रहने वाले म्यांमार के नागरिकों ने दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के माध्यम से पहले ही अपने अग्रिम मत डाल दिए हैं। विभिन्न देशों से चुनाव पर्यवेक्षक दल भी म्यांमार पहुंच चुके हैं और प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। इन चुनावों को म्यांमार की राजनीतिक स्थिरता और भविष्य के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अब सबकी नजर चुनाव परिणामों और उसके बाद बनने वाली नई सरकार पर टिकी है।