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दमघोंट रहा सेना का शासन; पड़ोसी देश को है लोकतंत्र की चाहत! 5 साल में पहली बार हो रहा चुनाव

Myanmar Elections: म्यांमार में सेना ने चार साल पहले आंग सान सू की चुनी हुई सरकार को उखाड़ फेंका था। तख्तापलट के बाद आंग सान सू की को जेल में डाल दिया गया और उनकी पार्टी एनएलडी को भंग कर दिया गया। देश में अब चुनाव हो रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे औपचारिकता मात्र ही मान रहे हैं।

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Photo : AP
म्यांमार में हो रहा चुनाव (फोटो साभार: AP)

Myanmar Elections: म्यांमार अपने सबसे गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है। साल 2021 में कूप के बाद से देश को लोकतंत्र की चाहत है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अभी लोकतंत्र बहाल होने से रहा। भले ही 28 दिसबंर, 2025 को म्यांमार में मतदान होने वाले हैं, लेकिन यह कदम लोकतंत्र की दिशा में नहीं, बल्कि सेना इससे अपनी सत्ता को वैद्य ठहराने का नया तरीका आजमा रही है।

तख्तापलट

सेना ने चार साल पहले आंग सान सू की चुनी हुई सरकार को उखाड़ फेंका था। तख्तापलट के बाद आंग सान सू की को जेल में डाल दिया गया और उनकी पार्टी एनएलडी को भंग कर दिया गया। सेना के इस कदम की खूब आलोचना हुई। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हुए, जो गृह युद्ध में तब्दील हो गया। इस नागरिक संघर्ष ने कई विवादित क्षेत्रों में चुनाव कराने को मुश्किल बना दिया। हालांकि, रविवार से मतदान की शुरुआत हो रही है। म्यांमार में तीन चरणों में मतदान संपन्न होगा।

म्यांमार में कब-कब होगा मतदान

  • पहला चरण - 28 दिसंबर, 2025
  • दूसरा चरण - 11 जनवरी, 2026
  • तीसरा चरण - 25 जनवरी, 2026

लोकतंत्र की बहाली या सत्ता चोरी?

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, मानवाधिकार और विपक्षी समूहों का मानना है कि यह चुनाव न तो स्वतंत्र होगा और न ही निष्पक्ष और सत्ता संभवत: सैन्य नेता सीनियर जनरल मिन आंग हलिंग के हाथों में ही रहेगी। अंतरराष्ट्रीय संकट समूह (ICG) के म्यांमार विशेषज्ञ रिचर्ड हॉर्सी ने कहा, ''यह चुनाव बिल्कुल भी विश्वसनीय नहीं है। इसमें पिछले चुनावों में सफल राजनीतिक दल शामिल नहीं हैं।''

Aung San Suu Kyi

जेल में कैद हैं आंग सान सू की

जेल में कैद हैं आंग सान सू की

80 वर्षीय आंग सान सू की और उनकी पार्टी ने चुनावों में हिस्सा नहीं लेने का निर्णय लिया है। आंग सान सू की मौजूद समय में 27 साल की जेल की सटा काट रही हैं। उनके दल को नए सैन्य नियमों के तहत रजिस्टर नहीं करने की वजह से भंग कर दिया गया और अन्य विपक्षी दलों भी चुनाव का बहिष्कार कर रहे हैं। साथ ही वोटर्स से अपील कर रहे हैं कि चुनाव के नजरअंदाज करें।

कौन-कौन लड़ रहा चुनाव

म्यांमार के 330 टाउनशिप में से 65 टाउनशिप में मतदान नहीं होने वाला है, क्योंकि उन टाउनशिपों में जातीय गुरिल्ला समूहों और प्रतिरोध बलों के साथ संघर्ष चल रहा है। रही बात चुनाव की तो बची हुई 265 टाउनशिप में से 102 में रविवार को मतदान होगा। इसके बाद 11 जनवरी और 25 जनवरी को अन्य टाउनशिप में मतदान होगा।

Myanmar Elections

म्यांमार में हो रहा चुनाव

इस चुनाव में 57 पार्टियां हिस्सा ले रही हैं, जिन्होंने अपने-अपने प्रत्याशी उतारे हैं। अधिकांश दल अपने राज्य या फिर क्षेत्र तक ही सीमित हैं। महज 6 पार्टियों के पास राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता हासिल करने का मौका है। बावजूद इसके, नियमों के अनुसार सेना समर्थित USDP नई सरकार बनाने की स्थिति में होगी।

5000 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर!

म्यांमार चुनाव में लगभग 5,000 उम्मीदवार राष्ट्रीय और राज्य विधानसभाओं की 1,100 से अधिक सीटों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, संघर्ष वाले क्षेत्रों में कुछ सीटें खाली रह जाएंगी। चुनाव आयोग ने अभी तक कुल योग्य मतदाताओं की संख्या जारी नहीं की है, लेकिन 2020 में यह संख्या 3.7 करोड़ से अधिक थी।

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