अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी हमले में कई ईरानी सैन्य अधिकारी मारे गए हैं। ट्रंप ने इस दावे से कुछ घंटे पहले ही ईरान को 48 घंटे की मोहल्लत दी थी। इसी दौरान इस हमले का दावा किया गया है। ट्रंप ने इस ऑपरेशन को अंजाम, तेहरान में देने की बात कही है, लेकिन बाकी जानकारी साझा नहीं की है। इसके अलावा ईरान के ब्लैक माउंटेन पर भारी बमबारी की पुष्टि हुई है, सैन्य अधिकारियों के मारे जाने पर ईरान ने अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
ट्रंप ने क्या-क्या दावा किया?
ट्रंप ने तेहरान में हमले का दावा करते हुए शनिवार को एक वीडियो भी शेयर किया है। अपने संदेश में ट्रंप ने लिखा कि ईरान के कई सैन्य नेता, जिन्होंने देश का नेतृत्व गलत तरीके से किया, इस बड़े हमले में मारे गए हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि हमले का निशाना कौन-से ठिकाने थे और तकनीकी रूप से यह ऑपरेशन कैसे अंजाम दिया गया। साझा किए गए वीडियो में अंधेरा दिखाई देता है, लेकिन उसमें विमानों की आवाज और तेज धमाकों की आवाजें साफ सुनाई देती हैं, जिससे बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई का संकेत मिलता है।
ईरान के ब्लैक माउंटेन पर हमला
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त वायुसेना द्वारा ब्लैक माउंटेन पर किए गए हवाई हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। यह जानकारी अल जजीरा ने ईरान के सरकारी मीडिया के हवाले से दी है। कोहगिलुयेह के गवर्नर के अनुसार, इस लक्षित हमले में दो अन्य लोग घायल भी हुए हैं। उन्होंने तसनीम समाचार एजेंसी को दिए बयान में कहा कि राहत और बचाव दल स्थिति का आकलन कर रहे हैं, इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हमले से हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन गवर्नर ने कहा कि अमेरिका-इजरायल द्वारा ब्लैक माउंटेन पर किए गए इस हमले के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस घटना ने पहले से जारी क्षेत्रीय संघर्ष में तनाव को और बढ़ा दिया है, जबकि स्थानीय प्रशासन अब भी पीड़ितों की पहचान करने में जुटा हुआ है।
जंग में ट्रंप का अल्टीमेटम
इससे पहले ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि उसके पास समझौता करने या रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्ग Strait of Hormuz को दोबारा खोलने के लिए 48 घंटे का समय है, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले ईरान को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जिसकी समय सीमा अब समाप्त होने वाली है।
गौरतलब है कि 26 मार्च को ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर संभावित हमलों को 10 दिनों के लिए टालने की घोषणा की थी, ताकि कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। उस समय उन्होंने दावा किया था कि यह फैसला ईरानी सरकार के अनुरोध पर लिया गया और बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
