Longest Underwater Tunnel: ऐसा सुनने में कितना नया और अलग लगता है कि अब दो देश मिलने के लिए हवाई जहाज या ट्रेन का सहारा नहीं लेंगे बल्कि वह एक ऐसी पानी के अंदर सुरंग बना रहे हैं, जिससे वे आसानी से एक दूसरे के देश में आ जा सकेंगे। अक्सर समुद्र व नदियों का इस्तेमाल करके माल ले जाया जाता है। लेकिन यहां कुछ अलग मामला है। फेहमार्न बेल्ट फिक्स्ड लिंक (The Fehmarn Belt Fixed Link) एक अंडकवाटर सुरंग है जो डेनमार्क के लोलैंड द्वीप को जर्मनी के फेहमार्न द्वीप से जोड़ेगी। बाल्टिक सागर के नीचे यह शानदार सुरंग 2029 तक पूरी हो जाएगी। इसे सबसे लंबे अंडरवाटर कंस्ट्रक्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
यूरोपियन यूनियन ने की पैसों की मदद
18 किलोमीटर (11 मील) लंबी फेहमार्नबेल्ट सुरंग, स्कैंडिनेविया और मुख्य यूरोप के बीच यात्रा के समय को काफी कम कर देगी। फेमर्न कंपनी ने कहा कि यह सुरंग 'डेनमार्क का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और दुनिया की सबसे लंबी पानी के अंदर सुरंग और रेल लिंक' है। इस प्रोजेक्ट की लागत DKK 55.1 बिलियन (£6.4 बिलियन) होने का अनुमान है, जिसमें यूरोपियन यूनियन ने सुरंग प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1.3 बिलियन यूरो (£1.1 बिलियन) दिए हैं।
डेली एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, फेमर्न ने बताया कि डूबा हुआ टनल 'पानी के अंदर टनल बनाने का एक सुरक्षित, आजमाया हुआ और असरदार तरीका है।' 'यह टेक्नोलॉजी डेनमार्क में डेवलप की गई है और यह, दूसरों के अलावा, ओरेसंड टनल के अनुभवों पर आधारित है।' 'काम पूरा होने के बाद, यह टनल फेहमर्नबेल्ट में जहाजों की आवाजाही में कोई रुकावट नहीं डालेगी। निर्माण के दौरान समुद्री सुरक्षा भी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।' 'फेहमर्नबेल्ट टनल उतनी ही सुरक्षित होगी जितनी जमीन के ऊपर मोटरवे का कोई भी हिस्सा होता है। टनल में पूरी लंबाई में लगातार हार्ड शोल्डर और इमरजेंसी एग्जिट हैं।'
