Tempsens Instruments IPO के लिए आज 20 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी ने IPO का प्राइस बैंड ₹285 से ₹300 प्रति शेयर तय किया है। ग्रे मार्केट में शेयर को लेकर मजबूत उत्साह नजर आ रहा है। मौजूदा ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी जीएमपी ₹220 है। इस हिसाब से ऊपरी प्राइस बैंड ₹300 के मुकाबले अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹520 बनती है। यानी निवेशकों को करीब 73.33% का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है। हालांकि, ग्रे मार्केट के संकेत आधिकारिक लिस्टिंग की गारंटी नहीं होते।
73% लिस्टिंग गेन का संकेत
पिछले छह सेशन में Tempsens Instruments IPO का जीएमपी ₹65 से बढ़कर ₹220 तक पहुंचा है। GMP में लगातार तेजी से संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच लिस्टिंग को लेकर उम्मीद मजबूत है। हालांकि, आईपीओ में निवेश का फैसला केवल जीएमपी देखकर करना जोखिम भरा हो सकता है। कंपनी का आईपीओ 24 अगस्त को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 25 अगस्त को फाइनल होने की संभावना है। सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर 27 अगस्त को क्रेडिट किए जा सकते हैं, जबकि कंपनी के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर लिस्टिंग 28 अगस्त को संभावित है।
क्या कंपनी का कारोबार मजबूत है?
Tempsens Instruments एक खास इंडस्ट्रियल बिजनेस में काम करती है और इसकी तकनीकी क्षमताओं के साथ बाजार में मजबूत स्थिति बताई जा रही है। कंपनी के कारोबार को इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, मैन्युफैक्चरिंग और भारत में बढ़ते लोकलाइजेशन ट्रेंड से फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज हाउस Swastika Investmart ने कंपनी की मजबूत ग्रोथ, स्वस्थ मार्जिन और प्रोजेक्ट्स के साथ मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल यानी एमआरओ कारोबार में मौजूदगी को सकारात्मक माना है। वहीं Kantilal Chhaganlal Securities का कहना है कि कंपनी का निचे मार्केट, ऊंचे एंट्री बैरियर और तकनीकी क्षमता इसे प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देते हैं।
वैल्युएशन सस्ता नहीं
कंपनी के IPO का सबसे बड़ा जोखिम इसका वैल्युएशन है। ₹300 के ऊपरी प्राइस बैंड पर शेयर करीब 37.3 गुना वित्त वर्ष 2026 के P/E पर वैल्यू हो रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्रोथ और बाजार की स्थिति इस प्रीमियम को कुछ हद तक सही ठहरा सकती है, लेकिन निवेशकों को ज्यादा वैल्युएशन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके अलावा कारोबार में सेक्टर साइक्लिकलिटी, ग्राहक और सेक्टर कंसंट्रेशन, बढ़ती वर्किंग कैपिटल जरूरत और उदयपुर में मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस का ज्यादा केंद्रित होना प्रमुख जोखिम हैं।
IPO से जुटाए पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?
Tempsens Instruments IPO के जरिए कुल ₹95 करोड़ का फ्रेश इश्यू लाने वाली है। इसके अलावा मौजूदा शेयरधारक करीब 1.85 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल करेंगे। फ्रेश इश्यू से मिले पैसे में से ₹18.1 करोड़ इलेक्ट्रिकल हीटिंग सॉल्यूशंस और स्पेशलाइज्ड केबल कारोबार में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। करीब ₹55 करोड़ का इस्तेमाल कुछ कर्ज चुकाने में किया जाएगा। जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल कंसोलिडेटेड कर्ज ₹108.3 करोड़ था।
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