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लेबनान-इजराइल संघर्ष तेज: 83 बच्चों समेत 394 लोगों की मौत

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, इजराइल और हिजबुल्ला के बीच पिछले सप्ताह शुरू हुए संघर्ष में अब तक 83 बच्चों सहित 394 लोगों की मौत हो चुकी है।

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इजराइल हमले में तबाह इमारत (फोटो- AP)

पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री ने रविवार को बताया कि इजराइल और चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला के बीच पिछले सप्ताह शुरू हुए संघर्ष में अब तक 394 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में 83 बच्चे भी शामिल हैं, जिससे इस टकराव के मानवीय संकट की गंभीरता और बढ़ गई है।

हमलों की वजह से बचाव चुनौतीपूर्ण

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, लगातार हो रही हवाई और रॉकेट हमलों की वजह से बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं। अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है और कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है। सरकार का कहना है कि नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हमलों की वजह से स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

हिजबुल्ला के बाद इजराइल का पलटवार

यह संघर्ष उस समय तेज हो गया जब हिजबुल्ला ने टकराव के शुरुआती दिनों में उत्तरी इजराइल की ओर कई रॉकेट दागे। इसके जवाब में इजराइल ने पिछले सप्ताह अपने सैन्य हमले फिर से शुरू कर दिए। इजराइली सेना का कहना है कि उसके हमले हिजबुल्ला के ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं, ताकि सीमा पर सुरक्षा खतरे को कम किया जा सके।

सीमा के दोनों ओर डर का माहौल

सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। उत्तरी इजराइल और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। स्कूल और कई सार्वजनिक सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर जल्द ही तनाव कम नहीं हुआ तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और तत्काल युद्धविराम की अपील की है, ताकि नागरिकों की जान बचाई जा सके और हालात को और बिगड़ने से रोका जा सके।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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