पाकिस्तान जिन आतंकियों को अपने फायदे के लिए आजतक यूज करते रहा था, अब जब वही उसके सीनों को छलनी करने लगे तो उसने अफगानिस्तान के उन नागरिकों को बाहर करने का फरमान जारी कर दिया, जो वहां तब आए, जब अफगान संकट शुरू हुआ था। पाकिस्तान का कहना है कि इनके पास वैध कागज नहीं है, इन्हें देश से बाहर जाना पड़ेगा।
क्यों दिया फरमान
पाकिस्तान ने मंगलवार को सभी अवैध अप्रवासियों को देश छोड़ने या निष्कासन का सामना करने का आदेश दिया है। दरअसल पाकिस्तान की एजेंसियों ने खुलासा किया है कि इस साल पाकिस्तान में हुए 24 में से 14 आत्मघाती बम विस्फोट अफगानों द्वारा अंजाम दिए गए थे। आंतरिक मंत्री सरफराज बुगती ने कहा कि सभी अवैध अप्रवासियों को 1 नवंबर तक पाकिस्तान छोड़ देना चाहिए या जबरन निष्कासन का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में लगभग 1.73 मिलियन अफगानी नागरिकों के पास रहने के लिए कोई कानूनी दस्तावेज नहीं हैं। बुगती इस्लामाबाद में कानून और व्यवस्था पर चर्चा के लिए नागरिक और सैन्य नेताओं द्वारा प्रधान मंत्री और सेना प्रमुख से मुलाकात के बाद बोल रहे थे।
क्या बोला अफगानिस्तान
बुगती की टिप्पणियों पर काबुल की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अफगान तालिबान ने इन आरोपों से इनकार किया है कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता है और कहा है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एक घरेलू मुद्दा है।
टीटीपी पर आरोप
बता दें कि 2022 के बाद से पाकिस्तान में आतंकवादी हमले बढ़ गए हैं जब सरकार और कट्टरपंथी सुन्नी इस्लामी समूहों की एक छत्र संस्था तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के बीच युद्धविराम टूट गया। टीटीपी को अफगानिस्तान तालिबान का एक अंग माना जाता है। बता दें कि पिछले सप्ताह पाकिस्तान में धार्मिक समारोहों को निशाना बनाकर किए गए दो आत्मघाती बम विस्फोटों में कम से कम 57 लोग मारे गए। इसका आरोप भी टीटीपी पर है।
