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भारत के कड़े तेवर देख रास्ते पर आने लगे जस्टिन ट्रूडो, कहा- इंडिया के साथ स्थिति को बढ़ाना नहीं चाहता है कनाडा

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Oct 3, 2023, 08:37 PM IST

आज ही भारत ने कनाडा से 10 अक्टूबर तक करीब 40 राजनयिकों को देश से वापस बुलाने को कहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई दिल्ली ने कनाडा से कहा है कि वह 10 अक्टूबर तक अपने करीब 40 राजनयिकों को वापस बुला ले, नहीं तो वे अपनी राजनयिक छूट खो देंगे।

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कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो

Photo : AP

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर भारत के साथ संबंध खराब करने वाले कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो अब रास्ते पर आते दिख रहे है। भारत पर जैसे ही जस्टिन ट्रूडो ने आतंकी की हत्या में हाथ होने का शक जाहिर किया था, तभी ने भारत ने इस मामले पर सख्त रूख अपना लिया था। एक के बाद एक भारत लगातार कार्रवाई कर रहा है, जिससे कनाडा की हालात खराब है।

40 कनाडाई राजनयिकों को देश छोड़ने का कहा

आज ही भारत ने कनाडा से 10 अक्टूबर तक करीब 40 राजनयिकों को देश से वापस बुलाने को कहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई दिल्ली ने कनाडा से कहा है कि वह 10 अक्टूबर तक अपने करीब 40 राजनयिकों को वापस बुला ले, नहीं तो वे अपनी राजनयिक छूट खो देंगे। भारत में 60 से अधिक कनाडाई राजनयिक तैनात हैं। जिसके बाद अब जस्टिन ट्रूडो के बयान सामने आए हैं।

रास्ते पर ट्रूडो

जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि वो भारत के साथ संबंध खराब नहीं करना चाहते। पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा- "कनाडा भारत के साथ स्थिति को बढ़ाना नहीं चाहता है, वह नई दिल्ली के साथ जिम्मेदारीपूर्वक और रचनात्मक तरीके से जुड़ना जारी रखेगा। हम कनाडा के परिवारों की मदद के लिए भारत में मौजूद रहना चाहते हैं।"

खराब हुए संबंध

पिछले महीने, कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में आरोप लगाया था कि भारतीय खुफिया एजेंट खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल हो सकते हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों ने एक-एक राजनयिक को निष्कासित कर दिया था। भारत ने कनाडा के आरोपों को ''राजनीति से प्रेरित'' बताया था।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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