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'तुरंत लेबनान छोड़ दें...' इजराइल-हिजबुल्लाह में जंग के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी; जारी किया हेल्पलाइन नंबर

Israel-Hezbollah war: हिजबुल्लाह और इजराइल में हवाई हमलों के बीच भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द लेबनान छोड़ने की सलाह दी गई है। वहीं उन लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है, जिन्हें गंभीर हालात के बीच लेबनान में ही रहना है।

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इजराइल हिजबुल्लाह संघर्ष

Photo : Twitter

Israel-Hezbollah War: बेरूत स्थित भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द लेबनान छोड़ने की सलाह दी है। वहीं उन लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है, जिन्हें गंभीर हालात के बीच लेबनान में ही रहना है। इसके अलावा भारतीय नागरिकों से अगली सूचना तक लेबनान की यात्रा न करने की अपील की गई है।

लेबनान पर जारी इजराइली हमले के बीच भारतीय दूतावास ने यह एडवाइजरी जारी की है। अल जजीरा की गुरुवार की एक रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइली हमलों में अब तक 620 लोग मारे जा चुके हैं। दूतावास ने बुधवार को अपने नोटिस में कहा, 1 अगस्त, 2024 को जारी की गई सलाह के अनुसार और क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों और तनाव को देखते हुए, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक लेबनान की यात्रा न करने की सलाह दी जाती है।

जारी किया हेल्पलाइन नंबर

दूतावास ने कहा, लेबनान में पहले से मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को यहां से जाने की सलाह दी जाती है। जो लोग किसी भी कारण से वहां रह जाते हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतने, अपनी गतिविधियों को सीमित रखने और बेरूत में भारतीय दूतावास से हमारी ईमेल आईडी: cons.beirut@mea.gov.in या इमरजेंसी फोन नंबर +96176860128 के माध्यम से संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।

हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहा इजराइल

इस बीच इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला जारी रखा है। ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने इजरायल में रॉकेट दागकर पलटवार किया है। इजराइली रक्षा बलों ने कहा कि एयर फोर्स ने दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में 1,600 से अधिक टारगेट्स को निशाना बनाया है। इनमें मिसाइल लांचर, कमांड पोस्ट और नागरिक घरों के अंदर स्थित अन्य आतंकवादी बुनियादी ढांचे शामिल थे। इजराइली टैंकों ने बॉर्डर के पास आयता अश शब और रामयेह के इलाकों में हिजबुल्लाह के अन्य ठिकानों पर हमला किया। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच दुश्मनी बढ़ने का कारण पिछले सप्ताह लेबनान में पेजर और वॉकी-टॉकी को निशाना बनाकर किए गए रहस्यमय विस्फोट हैं। इनमें कई लोग मारे गए और हजारों की संख्या में लोग घायल हो गए। हिजबुल्लाह ने इन विस्फोटों के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि इजराइल ने धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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