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किश्तवाड़ त्रासदी की पहली ड्रोन तस्वीर आई सामने, चारों तरफ दिख रहे तबाही के निशान; अबतक 49 शवों की हुई शिनाख्त

Kishtwar Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सुदूर गांव चशोती में 14 अगस्त को कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि बचावकर्मी मलबे में जिंदगियों को तलाश रहे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चशोती इलाके में बचाव और राहत कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रभावित लोगों को तत्काल और निर्बाध आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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किश्तवाड़ त्रासदी की पहली ड्रोन तस्वीर

Photo : Times Now Digital

Kishtwar Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सुदूर गांव चशोती में 14 अगस्त को कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि बचावकर्मी मलबे में जिंदगियों को तलाश रहे। चशोती में बादल फटने से मची तबाही के बाद शनिवार को लगातार तीसरे दिन राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा। बचावकर्मी मलबे में जिंदगियों को तलाशते रहे।

उपराज्यपाल ने राहत कार्यों का लिया जायजा

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चशोती इलाके में बचाव और राहत कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को प्रभावित लोगों को तत्काल और निर्बाध आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपराज्यपाल ने आगे कहा कि वह बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुए लोगों के घरों का पुनर्निर्माण सुनिश्चित करेंगे।

Kishtwar Cloudburst Drone Image

किश्तवाड़ त्रासदी के बाद की पहली ड्रोन तस्वीर

उपराज्यपाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''किश्तवाड़ के चशोती में बचाव और राहत कार्यों का जायजा लिया और वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। मैं बाढ़ में क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण को सुनिश्चित करूंगा। मैंने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावितों को तत्काल राहत और निर्बाध आवश्यक आपूर्ति के लिए भी निर्देश दिया है।"

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात के साथ शुक्रवार देर रात आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया और पुलिस, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), सीमा सड़क संगठन (BRO), स्थानीय प्रशासन और ऊंचाई वाले इलाकों में स्थानीय स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे बचाव और राहत कार्यों की समीक्षा की।

अब तक 49 शवों की शिनाख्त हो चुकी है और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। हताहतों की आधिकारिक संख्या के बारे में पूछे जाने पर जितेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक मलबे से 53 शव निकाले जा चुके हैं। इनमें से चार की पहचान होनी बाकी है, बाकी की पहचान हो चुकी है, लेकिन अभी कितने लोग दबे हुए हैं, यह तो भगवान ही जाने...

अब तक 60 लोगों की हुई मौत

सनद रहे कि मछैल माता मंदिर जाने वाले रास्ते के आखिरी गांव चशोती में 14 अगस्त को दोपहर लगभग 12:25 बजे एक त्रासदी हुई, जिसमें 60 लोग मारे गए और 100 से ज़्यादा घायल हो गए। इस त्रासदी में एक अस्थायी बाज़ार, तीर्थयात्रियों के लिए एक सामुदायिक रसोई स्थल और एक सुरक्षा चौकी ध्वस्त हो गई।अचानक आई बाढ़ में कम से कम 16 घर और सरकारी इमारतें, तीन मंदिर, चार पनचक्कियां, 30 मीटर लंबा एक पुल और एक दर्जन से अधिक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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