Israel-Palestinian Fighting: इजरायल और फलस्तीन एक बार फिर आमने-सामने आ गए हैं। दोनों एक-दूसरे पर भीषण हमले कर रहे हैं। वेस्ट बैंक के इलाके जेनिन शरणार्थी कैंप पर इजरायल की कार्रवाई के बाद इलाके में नए सिरे से तनाव उभर आया है। इजरायल का दावा है कि इस कैंप में फलस्तीनी आतंकवादी छिपे हैं। इस कैंप को निशाना बनाकर इजरायल की ओर से जमीनी एवं हवाई हमले हुए हैं। बताया जा रहा है कि बीते 20 सालों में वेस्ट बैंक में इजरायल का यह सबसे बड़ा ऑपरेशन है। सोमवार तड़के इलाके में ड्रोन से भी हमले हुए।
हमलों में फलस्तीन के 9 लोग मारे गए
रिपोर्टों में स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि इजरायल के हमलों में फलस्तीन में नौ लोगों की मौत हुई और करीब 100 लोग घायल हुए हैं। इजरायल ने अपनी कार्रवाई की यह कहते हुए बचाव किया है कि वह 'जेनिन जो कि आतंकवादियों के लिए पनाहगाह बना हुआ है' उस पर रोक लगा रहा है जबकि फलस्तीन ने इसे 'युद्ध अपराध' बताया है। यह हमला ऐसे वक्त में किया गया है, जब इजरायली बस्तियों पर सिलसिलेवार हमलों के जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया देने के लिए देश सरकार पर दबाव बढ़ा है। पिछले सप्ताह इजरायली बस्तियों पर किए गए हमलों में चार लोगों की मौत हो गई थी।
3000 लोगों को अस्पताल पहुंचाया
फलस्तीन के रेड क्रेसेंट का कहना है कि उसके लोगों ने कैंप से मरीजों एवं बुजुर्गों सहित करीब 3000 लोगों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। फलस्तीन ने इजरायल पर दर्जनों लोगों को उनके घरों में हिरासत में रखने का आरोप लगाया है। आरोप है कि हिरासत में लोगों को खाने-पीने की चीजें नहीं दी जा रही हैं। वहीं, इस ऑपरेशन के बारे में इजरायल की सेना का कहना है कि 'यह ऑपरेशन कब खत्म होगा, इसके बारे में कोई समय सीमा नहीं है। इसमें घंटों लग सकते हैं और यह कई दिनों तक भी चल सकता है।'
2002 में जेनिन पर इजरायल ने किया था भीषण हमला
बता दें कि जेनिन सशस्त्र समूह फलस्तीन में तेजी से उभरा है। यह फलस्तीन की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था एवं इजरायल के प्रतिबंधों से निराश है। साल 2002 में भी इजरायल ने जेनिन पर बड़ा हमला किया था। बताया जाता है कि इस कार्रवाई में फलस्तीन के कम से कम 52 आतंकवादी एवं नागरिक मारे गए। करीब 10 दिनों तक चली इस भीषण लड़ाई में इजरायल के 23 सैनिकों की भी मौत हुई।
