राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को नहीं छोड़ता है तो उसके खिलाफ संभावित सैन्य हमले का “अगुवा” इजराइल होगा। ट्रंप ने इस सप्ताहांत में ओमान में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच होने वाली वार्ता से पहले बुधवार को यह टिप्पणी की।
परमाणु हथियार कार्यक्रम पर अमेरिका ने ईरान को दी चेतावनी
ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि वार्ता “प्रत्यक्ष” होगी, जबकि ईरान ने इस अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत को “अप्रत्यक्ष” बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “अगर इसके लिए सेना की आवश्यकता होगी तो हम वह भी करेंगे। इसमें स्पष्ट रूप से इजराइल बहुत अधिक शामिल होगा। वे इसके नेता होंगे। लेकिन कोई भी हमारा नेतृत्व नहीं करता है और हम वही करते हैं जो हम करना चाहते हैं।”
अमेरिका इस बात से चिंतित है कि तेहरान पहले से कहीं अधिक एक कारगर हथियार के करीब है। ट्रंप ने बुधवार को कहा कि वार्ता के समाधान पर पहुंचने के लिए उनके पास कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने बोला- ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और उनके देश के बीच होने वाली वार्ता के पहले बुधवार को कहा कि ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच कोई समझौता होने पर ईरान में अमेरिकी निवेश पर भी कोई ऐतराज नहीं है। राष्ट्रपति पेजेशकियन की टिप्पणियां विश्व शक्तियों के साथ 2015 के परमाणु समझौते के बाद ईरान के रुख में बदलाव को दर्शाती हैं। उस समझौते में तेहरान ने अमेरिकी विमान खरीदने की मांग की थी, लेकिन प्रभावी रूप से अमेरिकी कंपनियों को देश में आने से रोक दिया था।
तेहरान में दिए गए भाषण में पेजेशकियन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें ईरान में अमेरिकी निवेशकों के निवेश से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी निवेशक ईरान आएं और निवेश करें। इस तरह के व्यावसायिक प्रस्ताव से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की समझौते में दिलचस्पी बढ़ सकती है, जिन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में विश्व शक्तियों के साथ ईरान के परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था और अब देश के साथ एक नया समझौता करना चाहते हैं।
अमेरिका के राजदूत के बीच होने वाली वार्ता ‘‘अप्रत्यक्ष रूप से’’ होगी
पिछले साल अपने चुनाव के दौरान पश्चिमी देशों तक पहुंच बनाने के लिए प्रचार करने वाले पेजेशकियन ने यह भी कहा कि शनिवार को ओमान में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघची और पश्चिम एशिया के लिए अमेरिका के राजदूत स्टीव विटकॉफ के बीच होने वाली वार्ता ‘‘अप्रत्यक्ष रूप से’’ होगी। ट्रंप ने कहा है कि वार्ता प्रत्यक्ष रूप से होगी और ईरान ने इससे इनकार भी नहीं किया है।
पेजेशकियन ने कहा, ‘‘हम परमाणु बम नहीं बना रहे। आपने (पश्चिमी देशों ने) 100 बार इसका सत्यापन कर लिया है। इसे 1,000 बार फिर से कर लें।’’
