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इधर होर्मुज में तनाव नहीं हो रहा खत्म; उधर इजरायल ने हमास के सैन्य विंग के प्रमुख हद्दाद को किया ढेर

अल-हद्दाद की मौत ऐसे समय हुई है जब इजरायल और हमास के बीच संघर्षविराम बेहद नाजुक स्थिति में बना हुआ है। हमास के निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर बातचीत अटकी हुई है।

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इजरायल ने हमास को दिया बड़ा झटका। (सांकेतिक तस्वीर)

होर्मुज में ईरान-अमेरिका में तनाव के बीच गाजा में इजरायल ने बड़ी कार्रवाई कर दी है। इजरायली सेना ने हमास के सैन्य विंग के प्रमुख इज्ज अल-दीन अल-हद्दाद को एक हवाई हमले में मौत के घाट उतार दिया है। इजरायली सेना ने शनिवार को उसकी मौत का दावा किया। आईडीएफ ने कहा कि अल-हद्दाद उन आखिरी वरिष्ठ कमांडरों में शामिल था जिन्होंने 7 अक्टूबर 2023 के हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई थी।

इजरायली सेना के मुताबिक, शुक्रवार को किए गए एयरस्ट्राइक में अल-हद्दाद मारा गया। सेना ने उसे हमास की सैन्य संरचना का बेहद अहम चेहरा बताया। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के नेतृत्व में हुए हमलों में इजरायल में करीब 1200 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया था। इसके बाद इजरायल की ओर से गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की गई।

संघर्षविराम के बीच कार्रवाई

अल-हद्दाद की मौत ऐसे समय हुई है जब इजरायल और हमास के बीच संघर्षविराम बेहद नाजुक स्थिति में बना हुआ है। हमास के निरस्त्रीकरण जैसे मुद्दों पर बातचीत अटकी हुई है। अक्टूबर में लागू हुए संघर्षविराम के बावजूद गाजा में लगभग रोजाना इजरायली हमले जारी हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि संघर्षविराम लागू होने के बाद भी 850 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

मोहम्मद सिनवार का उत्तराधिकारी था हद्दाद

इजरायल का कहना है कि अल-हद्दाद ने अपने पूर्ववर्ती मोहम्मद सिनवार के मारे जाने के बाद सैन्य विंग की कमान संभाली थी। सेना ने यह भी आरोप लगाया कि उसने युद्ध के दौरान खुद को इजरायली बंधकों से घेर रखा था ताकि उस पर हमला न किया जा सके।

परिवार ने भी मौत की पुष्टि की

अल-हद्दाद के परिवार ने भी उसकी मौत की पुष्टि की है। परिवार के अनुसार, शुक्रवार के हमले में उसके साथ छह अन्य लोग भी मारे गए। शनिवार को गाजा सिटी में उसका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उसके शव को हमास और फिलिस्तीनी झंडों में लपेटकर ले जाया गया।

हमास की स्थापना के समय संगठन से जुड़ा था हद्दाद

अल-हद्दाद 1980 के दशक में हमास की स्थापना के समय संगठन से जुड़ा था। वह कासम ब्रिगेड्स की “मजद” इकाई का सदस्य था, जिसका काम इजरायल के कथित सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई करना था। वह हमास की मिलिट्री काउंसिल का भी हिस्सा था, जिसे संगठन का शीर्ष सैन्य निर्णय लेने वाला समूह माना जाता है। इजरायली सेना प्रमुख ने इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इजरायल अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा और उन्हें जवाबदेह ठहराएगा। वहीं संघर्षविराम के बाद से दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगाते रहे हैं।

Shiv Shukla
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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