Israel-Iran War: इजरायल ने रविवार को ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े पैमाने पर हमले को अंजाम दिया है। इजरायल डिफेंस फोर्स के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के अहम सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इन एयरस्ट्राइक में बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन और स्टोरेज साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और निगरानी चौकियों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, कई अस्थायी कमांड सेंटर भी तबाह कर दिए गए, जहां से ईरानी कमांडर ऑपरेशन चला रहे थे।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
इजरायली सेना ने दावा किया कि ये हमले खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए और इनका मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान में कई हथियार उत्पादन केंद्र और मिसाइल सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया। यह हमला उस व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें इजरायल लगातार ईरान के सैन्य और परमाणु ढांचे को निशाना बना रहा है।

इजरायल लगातार ईरान के सैन्य और परमाणु ढांचे को निशाना बना रहा है। IDF
आईडीएफ ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टारगेट की तस्वीर शेयर करते हुए आईडएफ ने जानकारी दी कि इस अभियान में "ईरानी आतंकवादी शासन" से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें दर्जनों हथियार भंडारण और उत्पादन सुविधाएं शामिल हैं। एक्स पोस्ट के अनुसार, हमलों के दौरान कई अस्थायी कमान केंद्रों को भी ध्वस्त कर दिया गया, जिनमें वे स्थान भी शामिल थे जहां कथित तौर पर कमांडर काम कर रहे थे।
आईडीएफ ने आगे कहा कि इस ऑपरेशन में बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन और भंडारण सुविधाओं, हवाई रक्षा प्रणालियों और निगरानी चौकियों सहित कई लक्ष्यों को निशाना बनाया गया।
ईरान की यूनिवर्सिटी को इजरायल ने बनाया निशाना
इससे पहले, रविवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि पश्चिम एशियाई क्षेत्र में स्थित अमेरिकी और इजरायली विश्वविद्यालयों को अमेरिकी और इजरायल द्वारा ईरानी शैक्षणिक संस्थानों और विरासत अवसंरचनाओं पर किए गए हमलों के प्रतिशोध में वैध लक्ष्य माना जा सकता है।
आईआरजीसी ने ईरानी विश्वविद्यालयों पर हाल ही में हुए हमलों की निंदा की, जिसमें तेहरान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पर बमबारी भी शामिल है।
