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Israel-Hamas War: विश्व ने ली सुकून की सांस, गाजा संघर्ष विराम समझौता रविवार से होगा लागू

Israel Hamas Ceasefire: विश्व में चल रहे एक बड़े युद्ध का अंत करीब है। इजरायल-हमास के बीच संघर्ष विराम समझौते पर सहमति बन गई है। गाजा में संघर्षविराम के लिए हमास और इजरायल के बीच समझौता हो गया है। ये संघर्षविराम रविवार से लागू होगा।

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गाजा संघर्ष विराम समझौता रविवार से होगा लागू

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Israel-Hamas War: कतर के प्रधानमंत्री ने गाजा में 15 महीने से जारी विनाशकारी युद्ध को खत्म करने और कई इजराइली बंधकों की रिहाई के लिए इजराइल और हमास के बीच संघर्ष विराम समझौता होने की बुधवार को घोषणा की। शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल सानी ने कतर की राजधानी दोहा में समझौते की घोषणा की, जहां कई सप्ताह से वार्ताएं हो रही थीं। उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम समझौता रविवार से लागू होगा।

संघर्ष विराम समझौते पर बनी सहमति

इजराइल और हमास ने गाजा पट्टी में विनाशकारी युद्ध को रोकने के लिए संघर्ष विराम समझौते पर सहमति जताई। कई अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इसके साथ ही दो चिर प्रतिद्वंद्वियों के बीच सबसे घातक और विनाशकारी युद्ध खत्म होने की संभावना बढ़ गई है। कतर की राजधानी दोहा में कई हफ्तों की बातचीत के बाद हुए इस समझौते में हमास की ओर से चरणबद्ध तरीके से बंधकों की रिहाई, इजराइल में सैकड़ों फलस्तीनी कैदियों की रिहाई और गाजा में विस्थापित हजारों लोगों को वापस लौटने की अनुमति देना शामिल है। समझौते के तहत, क्षेत्र में अत्यंत आवश्यक मानवीय सहायता भी पहुंचाई जाएगी।

अमेरिका के तीन अधिकारियों और हमास के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि समझौता हो गया है। दूसरी ओर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि समझौते का अंतिम विवरण अभी भी तैयार किया जा रहा है। दोहा में मौजूद तीनों अमेरिकी अधिकारियों और हमास ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि उसे उम्मीद है कि समझौते के विवरण को आज रात अंतिम रूप दे दिया जाएगा। वार्ता से परिचित एक इजराइली अधिकारी ने कहा कि ये विवरण फलस्तीनी कैदियों की सूची की पुष्टि करने पर केंद्रित हैं, जो फिलहाल इजराइलियों पर घातक हमलों के लिए लंबी सजा काट रहे हैं। समझौते के तहत इन कैदियों को मुक्त किया जाना है। किसी भी समझौते को नेतन्याहू के मंत्रिमंडल की मंजूरी की जरूरत होगी। इस समझौते के तहत युद्ध को पहले, छह सप्ताह के लिए रोकने की उम्मीद है, जिसके साथ ही युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने पर बातचीत शुरू होगी। तीन बच्चों के पिता फलस्तीनी व्यक्ति आबिद रदवान ने युद्धविराम समझौते के बारे में कहा कि मेरे और गाजा के लोगों के जीवन का सबसे अच्छा दिन। अल्लाह का शुक्र है। रदवान एक वर्ष से अधिक समय से बेइत लाहिया शहर से विस्थापित होकर गाजा सिटी में शरण लिए हुए हैं।

लोग कर रहे थे समझौते को पूरा करने की मांग

इजराइल में, सैकड़ों प्रदर्शनकारी तेल अवीव में इजराइल के सैन्य मुख्यालय के बाहर एकत्र हुए और समझौते को पूरा करने की मांग की। कई लोगों ने हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों के पोस्टर ले रखे थे। कुछ लोग इस बात से अनजान थे कि समझौता हो चुका है। गाजा में बंधक बनाए गए ओडेड नामक व्यक्ति की बेटी शेरोन लिफ़्सचिट्ज़ ने बताया कि वह स्तब्ध और आभारी हैं, लेकिन जब तक वह सभी बंधकों को घर वापस लौटते नहीं देख लेतीं तब तक विश्वास नहीं करेगी। हमास ने सात अक्टूबर, 2023 को इजराइल पर हमला कर दिया था, जिसमें 1,200 लोग मारे गए थे और 250 अन्य को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद इजराइल ने जवाबी हमले किये, जिसमें फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार 46,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए थे। इसके अलावा गाजा की अनुमानित 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो गई और मानवीय संकट पैदा हो गया। नवंबर 2023 में हुए एक सप्ताह के संघर्ष विराम के दौरान गाजा से 100 से अधिक बंधकों को रिहा किया गया था।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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