दुनिया

Israel-Hamas War: मासूमों की मौत पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden, बोले- 'PM नेतन्याहू का नजरिया इजरायल को मदद से ज्यादा पहुंचा रहा नुकसान'

Israel-Hamas War: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि पीएम नेतन्याहू को इजरायल की रक्षा करने का अधिकार है। उन्हें इस कार्य के दौरान हो रहे निर्दोष लोगों की हत्या पर भी अपना ध्यान देना चाहिए। इस युद्ध में अब तक 32 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

Image

मासूमों की मौत पर भड़के राष्ट्रपति जो बाइडन

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Israel-Hamas War: अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शनिवार को कहा कि उन्हें लगता है कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजा में हमास के खिलाफ अपने युद्ध के तरीके से इजराइल की मदद करने के बजाय उसे नुकसान पहुंचा रहे हैं। अमेरिकी नेता ने सात अक्टूबर के हमले के बाद हमास के खिलाफ कार्रवाई के इजराइल के अधिकार के प्रति समर्थन जताया लेकिन साथ ही कहा कि नेतन्याहू को इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप निर्दोष लोगों की मौत की घटनाओं पर और ध्यान देना चाहिए। बाइडन कई महीनों से कहते आए हैं कि इजराइल गाजा में बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत होने के कारण अंतरराष्ट्रीय सहयोग खो सकता है और अमेरिकी समाचार चैनल एमएसएनबीसी के जोनाथन केपहर्ट के साथ हालिया साक्षात्कार में की गई उनकी ताजा टिप्पणी दोनों नेताओं के बीच तनावपूर्ण होते संबंधों की ओर इशारा करती है।

इजरायल हमले में तीस हजार से ज्यादा फलस्तीनियों की मौत

बाइडन ने गाजा में लोगों के बड़ी संख्या में मारे जाने पर बात की। उन्होंने कहा कि इजराइल जिसके लिए प्रतिबद्ध है, यह उसके विपरीत है और मुझे लगता है कि यह एक बड़ी गलती है। बाइडन ने साथ ही कहा कि वह रॉकेट हमलों से इजराइलियों की रक्षा करने वाले आयरन डोम मिसाइल अवरोधकों जैसे हथियारों की आपूर्ति को नहीं रोकेंगे। बता दें, हमास के साथ शुरू हुए इस युद्ध में गाजा को इजरायल द्वारा लगातार बमबारी का सामना करना पड़ा है। इस बमबारी के कारण अब तक 1160 मौतें हो चुकी है। हमास ने लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया था, जिसमें से 99 इजरायल द्वारा गाजा में जीवित माने जा रहे हैं। इजरायल की जवाबी कार्रवाई में भी अब तक 30800 फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article