Israel-Hamas War: गाजा में इजरायली हमले में 38 लोगों की मौत की खबर है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि खान यूनिस में इजरायली हमले में 38 लोग मारे गए है। शुक्रवार की सुबह की यह हमला ऐसे समय में हुआ जब इजरायल की सेना लेबनान और गाजा में अपने हमले और तेज कर रही है। बता दें इससे पहले इजरायल ने मध्य गाजा के नुसरत शिविर में एक स्कूल को निशाना बनाया था। इसमें बच्चों समेत 17 फलस्तीनी मारे गए थे और 42 लोग घायल हो गए। दक्षिणी लेबनान में भी इजरायल के हमले की खबर है। इस घटना में भी 5 इजरायली सैनिकों की मौत होने के साथ सात जवान घायल हो गये है। उधर लेबनानी सेना ने भी कहा कि इजरायली हमले में उसके एक अधिकारी समेत 3 सैनिकों की मौत हो गई है और कई अन्य लोग भी घायल हो गए है।
वहीं इजरायली सेना ने सफाई देते हुए कहा है कि उसने नुसरत में एक परिसर में हमास के कमान और नियंत्रण केंद्र को निशाना बनाया था जिसका पहले एक स्कूल के तौर पर प्रयोग किया जाता था। जबकि फलस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों ने कहा कि शरणार्थी शिविर में बने एक स्कूल पर हमला किया गया। इजरायल ने बुधवार को भी गाजा में कई स्थानों पर हमला किया था। इसमें 42 लोग मारे गए थे।
तीन मीडिया कर्मियों की गई जान
इस बच दक्षिण-पूर्वी लेबनान में पत्रकारों के एक आवासीय परिसर पर हुए इजराइली हवाई हमले में तीन मीडिया कर्मियों की मौत की भी खबर है। लेबनान की सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। स्थानीय समाचार चैनल अल जदीद ने हमला स्थल के फुटेज प्रसारित किए जिसमें ढही हुई इमारतें और वे कारें धूल और मलबे से ढकी हुई दिखाई दे रही थीं जिन पर प्रेस लिखा है। इजराइली सेना ने हमले से पहले कोई चेतावनी जारी नहीं की थी।
बेरूत स्थित अल-मायादीन टीवी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह हमले में मारे गए पत्रकारों में उसके दो कर्मी कैमरा ऑपरेटर गस्सान नजर और प्रसारण तकनीशियन मोहम्मद रिदा भी शामिल हैं। लेबनान के हिजबुल्ला समूह के अल-मनार टीवी ने बताया कि हसबाया क्षेत्र में हुए हवाई हमले में उसके कैमरा ऑपरेटर विसम कासिम मारे गए। दक्षिण लेबनान में अल-मनार के जाने माने पत्रकार अली शोएब एक वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं कि उनके साथ महीनों से काम कर रहे कैमरा ऑपरेटर की मौत हो गई। शोएब ने कहा कि इजराइली सेना जानती थी कि जिस क्षेत्र पर हमला किया गया है वह आवासीय परिसर है और उसमें विभिन्न मीडिया संगठनों के पत्रकार रहते हैं।
शोएब ने अल-मनार टीवी पर प्रसारित वीडियो में कहा कि हम समाचारों की रिपोर्टिंग कर रहे थे और पीड़ितों की पीड़ा को दिखा रहे थे और अब हम ही समाचार हैं और इजराइल के अपराधों के कारण पीड़ित हैं। पिछले वर्ष अक्टूबर की शुरुआत में लेबनान-इजराइल सीमा पर गोलीबारी शुरू होने के बाद से कई पत्रकार मारे जा चुके हैं।
नवंबर 2023 में ड्रोन हमले में अल-मायादीन टीवी के दो पत्रकार मारे गए थे। इसके अलावा एक महीने पहले दक्षिणी लेबनान में इजराइली गोलाबारी में रॉयटर्स के वीडियोग्राफर इस्साम अब्दुल्ला की मौत हो गई थी और फ्रांस की अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एजेंस फ्रांस-प्रेस और कतर के अल-जजीरा टीवी के पत्रकार घायल हो गए थे।
