दुनिया

Israel-Hamas War: भारत ने UN के प्रस्ताव का किया समर्थन, कहा- 'इजराइल-हमास युद्ध से गहराया मानवीय संकट, जो स्वीकार्य नहीं'

Israel-Hamas War: संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि इजराइल और हमास के बीच जारी संघर्ष से बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई है, खासकर महिलाओं और बच्चों की। किसी भी हालत में मानवीय संकट स्वीकार्य नहीं है।

Image

इजराइल-हमास युद्ध पर भारत ने UN के प्रस्ताव का किया समर्थन

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Israel-Hamas War: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव को सकारात्मक कदम करार दिया, जिसमें रमजान के महीने में गाजा में तत्काल युद्धविराम की मांग की गई थी, जिसमें कहा गया है कि इजरायल-हमास के बीच चल रहे संघर्ष के कारण मानवीय संकट पैदा हो गया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि 'हम गाजा में चल रहे संघर्ष से बेहद परेशान हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत रुचिरा कंबोज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में कहा कि 'मानवीय संकट गहरा गया है और क्षेत्र और उससे परे अस्थिरता बढ़ रही है।' उन्होंने कहा कि एक प्रस्ताव को अपनाने पर विचार कर रहा है।

कंबोज ने कहा कि इजराइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष के कारण बड़े पैमाने पर नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की जान चली गई है। उन्होंने कहा कि 'परिणामस्वरूप मानवीय संकट पूरी तरह से अस्वीकार्य है।' उन्होंने कहा कि दिल्ली ने संघर्ष में नागरिकों की मौत की कड़ी निंदा की है और किसी भी संघर्ष की स्थिति में नागरिक जीवन के नुकसान से बचना जरूरी है।

बता दें, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 25 मार्च को इजराइल हमास के बीच संघर्ष विराम की मांग को लेकर एक प्रस्ताव लाया गया था। इस प्रस्ताव में सभी बंधकों की रिहाई की भी मांग की गई थी साथ ही गाजा में लोगों को दवाओं और अन्य मानवीय मदद पहुंचाई जाए ये भी अपील की गई थी। इजराइल हमास युद्ध को करीब छह महीने का समय बीत चुका है और अगर दोनों पक्षों में युद्धविराम होता है तो यह बेहद अहम होगा। 15 देशों वाली परिषद के 10 चयनित सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यह प्रस्ताव पेश किया, जिसका 14 देशों ने समर्थन किया और किसी ने भी विरोध नहीं किया। अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर वोटिंग नहीं की। कंबोज ने कहा कि आतंकी हमले को बिल्कुल भी सही नहीं ठहराया जा सकता और 7 अक्तूबर को इजराइल पर हुआ हमला स्तब्ध करने वाला है।' कंबोज ने सभी बंधकों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा करने की भी बात कही। कंबोज ने क्षेत्र में शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की भी सराहना की।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article