दुनिया

इजराइल ने बेरूत में मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग को बनाया निशाना, कम से कम 29 लोगों की मौत

Israel Strike on Beirut: IDF ने एक बयान में बताया कि बेरूत के दहिह में वायु सेना ने 12 हिजबुल्लाह कमांड सेंटरों पर हमला किया गया, जिसमें हिजबुल्लाह की इंटेलीजेंस यूनिट, 'कोस्ट टू सी' मिसाइल यूनिट और यूनिट 4400 द्वारा उपयोग की जाने वाली साइटें शामिल हैं।

Image

इजराइल ने बेरूत पर किया हमला।

Photo : Twitter

Israel Strike on Beirut: लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजराइली हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इजराइली रक्षा बलों ने बेरूत के घनी आबादी वाले बास्ता इलाके में एक बहुमंजिला इमारत को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा लेबनान में अलग-अलग स्थानों पर किए गए मिसाइल पर ड्रोन हमले में दर्जनों लोगों के मारे जाने की खबर है।

इजराइल रक्षा बलों IDF ने एक बयान में बताया कि बेरूत के दहिह में वायु सेना ने 12 हिजबुल्लाह कमांड सेंटरों पर हमला किया गया, जिसमें हिजबुल्लाह की इंटेलीजेंस यूनिट, 'कोस्ट टू सी' मिसाइल यूनिट और यूनिट 4400 द्वारा उपयोग की जाने वाली साइटें शामिल हैं। ये सभी साइटें ईरान से सीरिया होते हुए लेबनान में हथियारों की तस्करी के लिए जिम्मेदार थीं। आईडीएफ ने कहा, इन कमांड सेंटरों का इस्तेमाल इजरायल के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाने, आदेश देने और उन्हें अंजाम देने के साथ-साथ दक्षिणी लेबनान में सक्रिय आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधि की निगरानी करने के लिए किया गया था।

एक सप्ताह में चौथी बार हुआ हमला

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजराइली हमलों में 66 लोग घायल हुए हैं। इजराइल ने लेबनान की राजधानी को एक सप्ताह से भी कम समय में चौथी बार निशाना बनाया है। लेबनान पर यह हमला ऐसे समय में किया गया है, जब इस सप्ताह अमेरिका के दूत अमोस होचस्टीन ने इजराइल और चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला के बीच संघर्ष-विराम समझौता कराने के लिए क्षेत्र की यात्रा की थी।

3500 से ज्यादा लोगों की मौत

लेबनानी मंत्रालय के मुताबिक, इजराइल द्वारा किए गए हवाई हमलों में अब तक 3,500 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि 15,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं और लगभग 12 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं, लेबनान से लड़ाई में इजराइल के 90 सैनिक और कम से कम 50 नागरिक मारे गए हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article