दुनिया

IDF ने मार गिराया हमास का एक और बड़ा लीडर, इजराइल में आतंकी हमले का यही देता था ऑर्डर

Israel vs Hamas: इजराइली सेना (IDF) ने कहा है कि उन्होंने इज़्ज अल-दीन कस्साब को मार गिराया है। कस्साब हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य था और गाजा पट्टी में अन्य संगठनों के साथ समन्वय और संबंध का प्रमुख भी था। उसे इजरायल के खिलाफ आतंकी हमलों के निर्देश देने का अधिकार था।

Image

इजराइल ने मार गिराया हमास का एक और लीडर।

Photo : Twitter

Israel vs Hamas: इजराइल ने हमास के एक और बड़े नेता को मार गिराया है। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने इसकी पुष्टि की है। एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने इज़्ज अल-दीन कस्साब को मार गिराया है। कस्साब हमास के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य था और गाजा पट्टी में अन्य संगठनों के साथ समन्वय और संबंध का प्रमुख भी था। बयान में बताया गया कि कस्साब को दक्षिणी गाजा के खान यूनिस शहर में एक हवाई हमले में मार दिया गया।

बयान में यह भी कहा गया कि कस्साब हमास का एक महत्वपूर्ण शक्ति स्रोत था और उनके पास अन्य संगठनों के साथ सामरिक और सैन्य संबंध बनाने की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा, उसे इजरायल के खिलाफ आतंकी हमलों के निर्देश देने का अधिकार था। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि कस्साब हमास के राजनीतिक ब्यूरो के गाजा में बचे हुए अंतिम उच्च रैंक वाले सदस्यों में से एक था। उसका सहायक अयमन आयेश भी उसी हवाई हमले में मारा गया था। हमास ने अभी तक कस्साब की मृत्यु की पुष्टि नहीं की है।

इराक के मिलिशिया ग्रुप ने इजराइल में किए ड्रोन हमले

इसी बीच शुक्रवार को इराक के मिलिशिया ग्रुप ने इजरायल पर कम से कम छह ड्रोन हमले करने का दावा किया। इराक की शिया मिलिशिया समूह इस्लामिक रेजिस्टेंस के बयान के अनुसार, समूह के लड़ाकों ने दक्षिणी इजरायल में तीन "महत्वपूर्ण स्थानों" पर, कब्जे वाले गोलान हाइट्स में दो और मध्य इजरायल में एक स्थान पर ड्रोन हमले किए। इन बयानों में लक्षित स्थानों या हताहतों के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई। समूह ने कहा कि ये हमले "फिलिस्तीन और लेबनान के लोगों के साथ एकजुटता" में किए गए हैं और उन्होंने "दुश्मन के ठिकानों को तेजी से निशाना बनाने" की प्रतिबद्धता जताई। बता दें, 7 अक्टूबर, 2023 को गाजा पट्टी में इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के शुरू होने के बाद से, इस्लामिक रेजिस्टेंस ने क्षेत्र में बार-बार इजरायली और अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए हैं ताकि गाजा के फिलिस्तीनियों को समर्थन दिखाया जा सके।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article