जिस इस्लामाबाद ब्लास्ट के लिए भारत को घेर रहा था पाकिस्तान, उसमें निकला उसी के ISPP का हाथ; सामने आकर ले ली जिम्मेदारी
- Edited by: शिशुपाल कुमार
- Updated Feb 7, 2026, 09:13 AM IST
इस्लामाबाद में शुक्रवार को हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान प्रोविंस (ISPP) ने ली है। ISPP ने कहा है कि सैफुल्लाह अंसारी ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में आत्मघाती बम हमला किया था।
ISPP ने किया था इस्लामाबाद में आत्मघाती हमला (फोटो- AP)
शुक्रवार को पाकिस्तानी की राजधानी इस्लामाबाद में आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले में 31 लोगों की मौत हो गई थी और 169 घायल हो गए थे। इस हमले के लिए पाकिस्तान ने भारत और अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था। भारत ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया था। अब जिस आतंकी संगठन ने इस्लामाबाद हमले की जिम्मेदारी ली है, उसे जानकार पाकिस्तान ही सवालों के घेरे में आ गया है। इस्लामाबाद आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान प्रोविंस (ISPP) ने ली है। इसे खड़ा करने मे ंपाकिस्तान का ही हाथ बताया जाता है।
इस्लामाबाद में आत्मघाती हमला: कब और किसने किया?
इस्लामिक स्टेट पाकिस्तान प्रोविंस (ISPP) ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में हुए जानलेवा आत्मघाती बम हमले की जिम्मेदारी ली है। ISPP ने अपने प्रोपेगेंडा मीडिया आउटलेट अमाक के जरिए कहा है कि सैफुल्लाह अंसारी ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में आत्मघाती बम हमला किया था।इस्लामाबाद में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद में आत्मघाती हमलावर द्वारा विस्फोट करने से कम से कम 31 लोग मारे गए और 169 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने एक बयान में कहा कि यह शक्तिशाली विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजा अल-कुबरा मस्जिद-सह-इमामबाड़ा में हुआ।
पाकिस्तान ने क्या कहा था?
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना कोई सबूत दिए आरोप लगाया कि इस हमले में भारत और अफगानिस्तान का हाथ था। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि यह साबित हो चुका है कि हमले में शामिल आतंकवादी अफगानिस्तान से आया-गया था। उन्होंने आरोप लगाया, "भारत और अफगानिस्तान के बीच मिलीभगत का पर्दाफाश हो रहा है"।
भारत ने क्या कहा था?
आत्मघाती बम विस्फोट में संलिप्तता के पाकिस्तान के आरोपों को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने इस हमले को निंदनीय बताते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाली समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय, अपनी घरेलू समस्याओं के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर "झूठी तसल्ली" का रास्ता अपनाया।
