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युद्ध रोकने के लिए ईरान के राष्ट्रपति ने रख दी अमेरिका के सामने ये 3 शर्तें, क्या होगा ट्रंप का रुख?

ईरान युद्ध का आज 13वां दिन है। फिलहाल ये युद्ध थमता नहीं दिख रहा है और ईरान ने जबरदस्त प्रतिरोध क्षमता दिखाई है। इसी बीच ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने संकेत दिया है कि युद्ध को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता है कि उसकी तीन मांगों को स्वीकार किया जाए।

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ईरानी राष्ट्रपति ने रखीं अमेरिका के सामने तीन शर्तें

Photo : AP

Iran War Updates: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने युद्ध रोकने के लिए अमेरिका के सामने तीन बड़ी शर्ते रखी हैं। पेजेश्कियन ने संकेत दिया है कि युद्ध को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता ईरान के निर्विवाद अधिकारों की स्वीकृति और भविष्य में आक्रामकता के विरुद्ध निर्णायक अंतरराष्ट्रीय गारंटी लागू करना है। पेजेश्कियन ने रूस और पाकिस्तान के राष्ट्रपतियों के साथ भी बातचीत का जिक्र किया है। फिलहाल इस पर अमेरिका और ट्रंप की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। देखना है कि पेजेश्कियान की शर्तों पर ट्रंप का क्या रुख रहता है।

पेजेश्कियन ने रखीं तीन शर्ते

पेजेश्कियन ने कहा कि रूस और पाकिस्तान के राष्ट्रपतियों के साथ संपर्क में क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति इस्लामी गणराज्य की प्रतिबद्धता की घोषणा करते हुए, मैंने इस बात पर जोर दिया कि जायोनी शासन और अमेरिका की युद्धोन्मादी नीतियों से शुरू हुए युद्ध को खत्म करने का एकमात्र तरीका ईरान के निर्विवाद अधिकारों की स्वीकृति, हर्जाने का भुगतान किया जाए और उनकी आक्रामकता को दोबारा होने से रोकने के लिए एक दृढ़ अंतरराष्ट्रीय दायित्व जरूरी है।

शर्त नंबर 1- वैध अधिकारों को स्वीकार किया जाए

शर्त नंबर 2- युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाए

शर्त नंबर 3- आक्रामकता को दोबारा होने से रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दायित्व जरूरी

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने 16,000 से अधिक आवासीय इकाइयों को निशाना बनाया है। रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रवक्ता मोजतबा खालिदी के हवाले से ईरान मीडिया ने दावा किया कि 19,734 गैर-सैन्य इमारतों को निशाना बनाया गया है और इनमें से 16,291 आवासीय इकाइयां थीं। इसके अलावा, 77 चिकित्सा केंद्र और 16 रेड क्रिसेंट सुविधाएं भी हमलों का शिकार हुईं।

आईआरजीसी का जवाबी अभियान 'ट्रू प्रॉमिस 4'

इससे पहले, ईरान की आईआरजीसी ने अपने चल रहे जवाबी अभियान 'ट्रू प्रॉमिस 4' के 40वें चरण को अंजाम देते हुए अमेरिकी ठिकानों पर निर्णायक हमले किए। कोर के अनुसार, अभियान के नवीनतम चरण में क़द्र, इमाद, खेबर शेकान और फतह मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। आईआरजीसी ने कहा कि ये हमले लेबनान के हिज्बुल्लाह प्रतिरोध आंदोलन के लड़ाकों के साथ मिलकर किए गए।

आईआरजीसी ने कहा, जैसा कि जायोनी शासन के मीडिया सूत्रों ने खुद स्वीकार और पुष्टि की है, पिछले 24 घंटों में ईरान से इजराइल की ओर मिसाइलों के हमले भारी वृद्धि हुई है और जायोनी हताहतों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। आईआरजीसी ने दावा किया कि कोर के जवाबी हमले के 40वें चरण में जॉर्डन के अल-अजराक और सऊदी अरब के अल-खारज जैसे क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।

आईआरजीसी ने आगे कहा कि समग्र स्थिति झूठे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुर्भावनापूर्ण इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा शुरू किए गए युद्ध का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है। पश्चिम एशिया में संघर्ष का गुरुवार को 13वां दिन है और दोनों पक्षों में से कोई भी पीछे हटने के संकेत नहीं दिखा रहा है। (एएनआई)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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