Iran Attacked: ईरान के सरकारी टेलीविजन ने रविवार को बताया कि देश की रक्षा परिषद की बैठक को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में ईरान के सेना प्रमुख और रक्षा मंत्री मारे गए। इस बैठक में जनरल अब्दोल रहीम मूसावी और रक्षा मंत्री जनरल अजीज नासिरजादेह के साथ ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख और सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी भी मारे गए, जिनकी मौत की घोषणा ईरान ने रविवार सुबह पहले ही कर दी थी।
ईरान हमले तेज न करे वरना हम करारा जवाब देंगे: ट्रंप
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हमले तेज न करने की चेतावनी देते हुए रविवार को ऑनलाइन माध्यम से कहा कि अमेरिका ऐसी ताकत के साथ जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल के जरिए रविवार को ये टिप्पणियां ऐसे समय में की जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद उन्हें धमकियां मिली हैं।
ट्रंप ने लिखा, ईरान ने अभी-अभी कहा है कि वे आज बहुत ज़ोरदार हमला करेंगे, जितना उन्होंने पहले कभी नहीं किया। उन्होंने पोस्ट किया कि लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा किया, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखा गया होगा।
खामेनेई की हुई मौत
अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 86 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। खामेनेई की मौत से इस्लामी गणराज्य के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ईरान में 88 सीट वाली विशेषज्ञ सभा खामेनेई के उत्तराधिकारी का चुनाव करेगी। इस विशेषज्ञ सभा में अधिकतर कट्टरपंथी धर्मगुरु शामिल हैं। हालांकि अब तक कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी तय नहीं हुआ है।
खामेनेई ने 1989 से इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व किया। खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में दशकों तक धार्मिक सत्ता स्थापित करने और देश को एक क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने का प्रयास किया। उनका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजराइल और अमेरिका के साथ टकराव रहा और उन पर देश में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को कुचलने के भी आरोप लगे।
ईरान के सरकारी मीडिया ने की पुष्टि
ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के इस बात की पुष्टि की कि इजराइल और अमेरिका के हमले में खामनेई मारे गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ घंटे पहले ही कहा था कि खामेनेई को संयुक्त अभियान में मार गिराया गया है। ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की 1989 में मृत्यु के बाद खामेनेई ने सत्ता संभाली और इस्लामी गणराज्य को पूरी तरह से नया रूप दिया। खोमैनी एक जोशीले और करिश्माई विचारक थे जिन्होंने शाह को सत्ता से बेदखल कर शिया मुस्लिम धर्मगुरुओं का शासन स्थापित किया।
उन्होंने खोमैनी से कहीं अधिक समय तक शासन किया। उन्होंने शिया धर्मगुरु वर्ग का व्यापक विस्तार किया और अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को अपने शासन का सबसे महत्वपूर्ण आधार बनाया। धीरे धीरे रिवोल्यूशनरी गार्ड देश में प्रमुख सैन्य ताकत बन गया और बैलिस्टिक मिसाइल का शस्त्रागार का प्रमुख भी बन गया। हालांकि अपने परमाणु कार्यक्रमों को लेकर ईरान विश्व के देशों के निशाने पर आ गया, देश पर कई प्रतिबंध लगाए गए जिससे उसकी अर्थव्यवस्था डंवाडोल होती चली गई।
खामेनेई की मृत्यु से इस्लामी गणराज्य के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ईरान में 88 सीट वाली विशेषज्ञ सभा खामेनेई के उत्तराधिकारी का चुनाव करेगी। इस विशेषज्ञ सभा में अधिकतर कट्टरपंथी धर्मगुरु शामिल हैं। हालांकि अब तक कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी तय नहीं हुआ है।
