Iran Israel War: इजरायल और ईरान के बीच युद्ध गहराता जा रहा है। दोनों एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोनों से हमला कर रहे हैं। इस बीच, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने कैस्पियन सागर में ईरान के नौसैनिक ढांचे पर हमले किए हैं। इन हमलों में ईरानी नौसेना के जहाजों और ऑपरेशनल ठिकानों को निशाना बनाया गया।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि इन हमलों में जहाजों और एक कमांड सेंटर को निशाना बनाया गया। आईडीएफ के मुताबिक, हमले में जिन लक्ष्यों को निशाना बनाया गया, उनमें मिसाइल से लैस जहाज, सपोर्ट वेसल, गार्ड शिप्स और अन्य नौसैनिक पोत शामिल थे।
इसके अलावा, आईडीएफ ने कहा कि इस ऑपरेशन में नौसैनिक जहाज़ों की मरम्मत और रखरखाव के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया गया।
इससे पहले, ईरान ने इज़रायल के खिलाफ 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 64वीं लहर शुरू की। ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक, यह अभियान 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल गठबंधन की कथित बिना उकसावे की आक्रामक कार्रवाई के जवाब में शुरू किया गया था।
'ईरान की सभी 11 पनडुब्बियां हो चुकी हैं तबाह'
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरान का सतही बेड़ा अब कोई मायने नहीं रखता और उनकी पनडुब्बियां अब नष्ट हो चुकी हैं। हेगसेथ ने कहा कि ईरान के पास कभी 11 से अधिक पनडुब्बियों का बेड़ा था और अब उसके पास पनडुब्बियां समाप्त हो चुकी हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री द्वारा संदर्भित पनडुब्बियों को फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए तैयार किया गया है।
हेगसेथ ने कहा कि उन्होंने ईरान युद्ध में मारे गए सैन्य कर्मियों के परिवारों से कहा था कि अमेरिकी सेना 'इसे खत्म कर देगी।' उन्होंने कहा कि सैन्य कर्मियों के परिवारों ने उनसे कहा था कि वे चाहते हैं कि अमेरिकी सेना 'इस काम को पूरा करे। उनके बलिदान का सम्मान करे। डगमगाए नहीं। काम पूरा होने तक रुके नहीं।'
