Drone Attack On Merchant Ship: सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहे समुद्री व्यापारिक जहाज पर हुए ड्रोन हमले मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। रॉयटर्स ने पेंटागन के सूत्रों के हवाले से बताया है यह हमला ईरानी ड्रोन से किया गया था, जिसके बाद कच्चे तेल से लदे जहाज पर आग लग गई थी। इस जहाज पर चालक दल के 21 भारतीय सदस्य शामिल थे। हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
यह घटना अरब सागर में करीब 217 समुद्री मील दूर हुई। सूत्रों ने कहा कि ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस’ (यूकेएमटीओ) द्वारा घटना की सूचना दिए जाने के बाद नौसेना के पी-8आई समुद्री गश्ती विमान को जहाज और उसके चालक दल की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया। विमान ने जहाज एम वी केम प्लूटो और उसके चालक दल के सुरक्षित होने का पता लगाया। उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना ने व्यापारिक जहाज की मदद करने के लिए अग्रिम मोर्चे के एक युद्धपोत को भेजा है जबकि भारतीय तटरक्षक ने भी कार्रवाई करते हुए अपने जहाज आईसीजीएस विक्रम को घटनास्थल के लिए रवाना किया है। यह घटना तब उस वक्त हुयी जब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इजराइल-हमास संघर्ष के बीच लाल सागर में जहाजों पर हमले तेज कर दिए हैं।
ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने दी थी हमले की सूचना
ब्रिटेन की रॉयल नेवी के मातहत काम करने वाली यूकेएमटीओ ने हमने की सूचना दी थी। कहा गया था कि उसे एक जहाज पर ड्रोन हमले की रिपोर्ट मिली है जिससे विस्फोट हुआ और आग लग गयी। यह घटना भारत में वेरावल से 200 समुद्री मील दक्षिण पश्चिम में हुई। उसने बताया कि आग बुझा दी गयी है और कोई हताहत नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि यह जहाज सऊदी अरब के एक बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर मंगलुरु बंदरगाह जा रहा था। सैन्य सूत्रों ने कहा कि जहाज अब निकटतम बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है।
जहाज के साथ नौसेना ने स्थापित किया संपर्क
भारतीय नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में भेजे गए एक समुद्री गश्ती विमान ने व्यापारिक जहाज के ऊपर से उड़ान भरी और उसके साथ संपर्क स्थापित किया। नौसेना के एक अधिकारी ने कहा, विमान ने जहाज और उसके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की। सूत्रों ने बताया कि जहाज पर सवार चालक दल के 22 सदस्य और जहाज केम प्लूटो सुरक्षित हैं।
