Israel-Iran War: ईरान ने यूरोपीय देशों द्वारा इजरायल के खिलाफ दंडात्मक कदम न उठाने के अनुरोध को ठुकरा दिया है। कुछ पश्चिमी देशों ने ईरान से इजरायल के खिलाफ सैन्य हमले की चल रही धमकियों को रोकने के लिए कहा और ऐसा हमला होने पर गंभीर परिणाम भुगतने का संकेत दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने पलटवार करते हुए कहा है कि मध्य पूर्व में चल रहे संकट से निपटने के लिए पश्चिमी देशों द्वारा कोई व्यावहारिक और प्रभावी उपाय नहीं उठाए गए हैं।
इजरायल फलस्तीन के खिलाफ कर रहा नरसंहार- ईरान
12 अगस्त को फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के नेताओं ने ईरान से इजरायल के खिलाफ सैन्य हमले की चल रही धमकियों को रोकने का आह्वान किया था और इस तरह के हमले होने पर क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर परिणामों पर चर्चा की थी। पश्चिमी देशों के नेताओं के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों की उदासीनता के कारण इजरायल रक्षा हीन फलस्तीन के खिलाफ नरसंहार और युद्ध अपराध सहित सभी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय अपराध कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर ईरान उठाये सवाल
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने गाजा पट्टी में बिगड़ती मानवीय स्थिति और दस महीने से अधिक समय तक इजरायल के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की भी आलोचना की। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि फलस्तीन के खिलाफ इजरायल के अमानवीय अपराध और विदेशों में उसके द्वारा हत्याएं करने के मामले हर दिन बढ़ रहे हैं, जिसका परिणाम इजरायल को भुगतना पड़ेगा।
