Iran US Conflict: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं। ईरान ने अभी कुछ देशों को छोड़कर दुनिया के तमाम देशों के लिए रास्ता खोल दिया है, लेकिन तेहरान कभी भी होर्मुज को फिर से बंद कर सकता है। तेहरान का कहना है कि होर्मुज महज दुश्मनों और नुकसान पहुंचाने वाले यातायात के लिए बंद है।
ईरान ने दी नई चेतावनी
इस बीच, ईरान ने नई चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर अमेरिका ने पावर प्लांट्स पर हमला किया तो होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। साथ ही इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों से जुड़े ऊर्जा ढांचे को 'वैध लक्ष्य' बताया गया है।
ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के हवाले से खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फघारी ने कहा, ''होर्मुज अभी महज दुश्मनों के लिए बंद है, लेकिन अगर अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी धमकी पर अमल करते हैं तो इसे पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।''
होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही जारी
खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ईरान की सर्वोच्च ऑपरेशनल कमान इकाई है, जो सेना और आईआरजीसी के बीच समन्वय करती है। जुल्फघारी ने कहा, ''अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार आक्रामक रवैया अपना रहे हैं और दुनिया को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। हमने कई बार कहा है कि होर्मुज केवल दुश्मनों और नुकसान पहुंचाने वाले यातायात के लिए बंद है, अभी इसे पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। यह हमारी निगरानी में है और सुरक्षित आवाजाही नियमों के तहत जारी है।''
उन्होंने चेतावनी दी, ''अगर हमारे पावर प्लांट्स पर हमला होता है तो होर्मुज पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक हमारे नष्ट हुए पावर प्लांट्स का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता।''
इजरायल को भी दी चेतावनी
ईरान ने आगे कहा कि इज़रायल के सभी ऊर्जा और आईटी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा। साथ ही, खाड़ी क्षेत्र के वे देश जो अमेरिकी सैन्य ठिकानों की मेजबानी करते हैं, उनके पावर प्लांट्स भी ईरान के निशाने पर होंगे। जुल्फघारी ने यह भी कहा, ''क्षेत्र में जिन कंपनियों में अमेरिकी हिस्सेदारी है, उन्हें भी पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।''
'हमने युद्ध की नहीं की शुरुआत'
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के आर्थिक हितों को खत्म करने के लिए ईरान पूरी तरह तैयार है। हालांकि, ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह युद्ध नहीं चाहता है। उन्होंने कहा कि हमने युद्ध की शुरुआत नहीं की और न ही करेंगे, लेकिन अगर हमारे पावर प्लांट्स को नुकसान पहुंचाया गया, तो हम अपने देश और हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।''
