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Iran vs Israel: ईरान ने इजरायल को दे दी खुली चेतावनी, गाजा और लेबनान में युद्ध विराम का किया समर्थन

Iran Warns Israel: ईरान और इजरायल के बीच तनातनी का सिलसिला जारी है। इजरायल ने हिजबुल्लाह चीफ नसरुल्लाह को मार गिराया तो ईरान ने उस पर मिसाइलें दागी। इस बीच एक बार फिर ईरान ने इजरायल को खुली चेतावनी दी है और साथ ही उसने गाजा और लेबनान में युद्ध विराम का समर्थन दिया है।

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ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : iStock

Iran Israel Conflict: ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने अपनी सीरिया यात्रा के दौरान जहां गाजा और लेबनान में युद्ध विराम का समर्थन किया वहीं इजरायल को चेतावनी दी कि उनका देश किसी भी हमले का जवाब देगा। उन्होंने कहा कि सभी परिस्थितियों में सीरिया के लिए ईरान का समर्थन जारी रहेगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, सीरिया की अपनी एक दिवसीय यात्रा के समापन पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराघची ने शनिवार कहा कि उनका देश विस्थापित लेबनानी शरणार्थियों को समर्थन देने के लिए सीरिया के साथ अपनी सहायता और समन्वय जारी रखेगा।

इजरायली हमले का देंगे जवाब; ईरान का ऐलान

ईरान पर इजरायली हमले की संभावना पर, अराघची ने कहा, 'किसी भी इजरायली हमले का जवाब दिया जाएगा। हमने अतीत में भी ऐसा किया है।' अराघची ने जोर देकर कहा कि युद्ध विराम की कोई भी शर्त फिलिस्तीनियों और लेबनानी दोनों को स्वीकार्य होनी चाहिए। सीरिया के साथ ईरान के संबंधों के बारे में पूछे जाने पर, अराघची ने दोनों देशों के बीच गहरी रणनीतिक साझेदारी पर प्रकाश डाला और कहा कि सभी परिस्थितियों में सीरिया के लिए ईरान का समर्थन जारी रहेगा।

यात्रा के दौरान ईरानी विदेश मंत्री ने सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद और सीरियाई प्रधानमंत्री मोहम्मद गाजी जलाली के साथ भी बैठक की। इस दौरान उन्होंने इजरायली सैन्य हमले से बचकर भाग रहे लेबनानी परिवारों को मानवीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए सहयोग पर चर्चा की।

इजरायल पर ईरान ने किया था बड़ा मिसाइल अटैक

ईरान की ओर से 1 अक्टूबर की रात इजरायल पर बड़ा मिसाइल अटैक किया गया। इजरायल के चैनल 13 टीवी समाचार के मुताबिक ईरान की ओर से कम से कम 200 जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें दागी गईं, जिससे पूरे देश में सायरन बजने लगे और लाखों लोग शेलटर्स की ओर भागे। ईरान का कहना है कि यह बमबारी हमास के राजनीतिक नेता इस्माइल हानिया, हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह और ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अब्बास निलफोरुशन की हत्याओं के जवाब में की गई।

बता दें ईरान हमास और हिजबुल्लाह को खुलकर समर्थन देता आया है। ईरानी हमले के कुछ घंटों बाद, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा, 'ईरान ने आज रात एक बड़ी गलती की है, और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।'

इस बीच शुक्रवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इजरायल पर तेहरान के हमले की तारीफ की और इसे 'पूरी तरह से कानूनी और वैध कार्य' बताया। उन्होंने कहा कि ईरान समेत तमाम इस्लामिक देशों का दुश्मन एक है और सबको साथ आने की जरूरत है। तेहरान की ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद से शुक्रवार की नमाज का नेतृत्व करते हुए खामेनेई ने कहा, 'दो या तीन रात पहले हमारे सशस्त्र बलों का शानदार काम पूरी तरह से कानूनी और वैध था।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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