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शांति के बीच जंग तेज होने की आहट! ईरान ने अमेरिका के इरादों पर उठाए सवाल, ट्रंप बोले- हम इसे पूरी तरह से खत्म कर देंगे

शांति प्रस्तावों के बीच अब अमेरिका ने ईरान को नई धमकी दे दी है। ट्रंप ने ईरान के साथ जंग पर कहा है कि अब हम इसे पूरी तरह से खत्म कर देंगे। वहीं ईरान ने भी अमेरिका को धमकी दी है।

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शांति के दावों के बीच ईरान का नया दावा (फाइल फोटो- AP)

अमेरिका एक ओर जहां ईरान के साथ शांति के लिए बातचीत के दावे कर रहा है, तो वहीं ईरान इसे नकार रहा है। अब इन सबके बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ ने बड़ा दावा कर दिया है। ग़ालिबफ़ ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान को खुफिया रिपोर्ट मिली हैं कि दुश्मन देश एक क्षेत्रीय देश की मदद से ईरान के किसी द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी सेना दुश्मनों की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है और अगर कोई कदम उठाया गया, तो उस क्षेत्रीय देश के महत्वपूर्ण ढांचों को लगातार और सख्त हमलों का सामना करना पड़ेगा।

सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी धमकी

गालिबाफ ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए तैयार हैं। इस बयान ने क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है। इसी बीच, अब्बास अराक़ची ने भी अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्यों को हासिल करने में असफल रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका न तो तेज सैन्य जीत हासिल कर पाया और न ही तेहरान में शासन परिवर्तन कराने में सफल हुआ।

ट्रंप की नई धमकी

ट्रंप ने ईरान हमले को लेकर कहा- "हमारे पास कोई और चारा नहीं था। लेकिन मुझे लगा था कि हालात इससे कहीं ज़्यादा खराब होंगे। मुझे लगा था कि एनर्जी की कीमतें, यानी तेल के दाम और ऊपर चले जाएंगे। मुझे लगा था कि शेयर बाज़ार थोड़ा नीचे गिरेगा, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था, क्योंकि यह तो बस कुछ समय की बात है। हमें जो करना था, वह था इस 'कैंसर' से छुटकारा पाना। हमें इस कैंसर को काटकर निकाल फेंकना था। यह कैंसर था—परमाणु हथियार से लैस ईरान। और हमने इसे काटकर निकाल दिया है; अब हम इसे पूरी तरह से खत्म कर देंगे।"

अमेरिका ने और सैनिकों को भेजा

अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपनी 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2,000 अतिरिक्त सैनिकों को उत्तरी कैरोलिना से मध्य पूर्व भेजने का आदेश दिया है। इसके अलावा, प्रशांत महासागर के अलग-अलग हिस्सों से दो समुद्री टुकड़ियां भी क्षेत्र की ओर बढ़ रही हैं। इन अतिरिक्त सैनिकों के पहुंचने के बाद क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों और नौसैनिकों की संख्या लगभग 50,000 से बढ़कर 56,000 से 57,000 के बीच हो सकती है। यह तैनाती वर्ष 2003 में ईराक के बाद सबसे बड़ी सैन्य गतिविधियों में से एक मानी जा रही है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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