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Uttarkashi Earthquake: उत्तरकाशी में आधी रात को डोली धरती, 4.2 तीव्रता का आया भूकंप

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है।

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उत्तरकाशी में भूकंप के झटके (सांकेतिक फोटो)

Photo : iStock

Uttarkashi Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप उस समय आया, जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। अचानक घरों में कंपन महसूस होने से कई लोगों की नींद खुल गई। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि भूकंप के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

4.2 रही भूकंप की तीव्रता

आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 मैग्नीट्यूड मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है। इसका केंद्र उत्तरकाशी से करीब 22 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में स्थित था। जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र बड़कोट तहसील के राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास बताया गया है। इसके झटके जिले की गंगा और यमुना दोनों घाटियों में महसूस हुए। भूकंप के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

पिछले महीने आया 3.5 तीव्रता का भूकंप

उत्तरकाशी में पिछले महीने भी भूकंप आया था। 16 जुलाई को जिले की भटवाड़ी तहसील के तहत देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 और भूकंप का केद्र भटवाड़ी तहसील के पिलंग के जंगलों में दर्ज किया गया था।

1991 में आया था विनाशकारी भूकंप

उत्तरकाशी भूकंप की दृष्टि से बहुत संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यहां 20 अक्टूबर 1991 की आधी रात को 6.6 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। उस भूकंप में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था। इसके बाद भी उत्तरकाशी में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस होते रहे हैं।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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